सहारनपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रफ्तार के साथ मंडल के कारोबार को भी रफ्तार देगा। मंडल में एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक हब विकसित किया जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त की तरफ से तीनों जिलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
बीती 14 अप्रैल को एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए थे। अब मंडलायुक्त की ओर से तीनों जनपद के अधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द से जल्द प्रस्ताव को तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सप्रेसवे किनारे स्थित स्थलों को चिन्हित कर औद्योगिक हब को विकसित करने और भूमि बैंक तैयार किया जाए। यदि भूमि के उपयोग परिवर्तन की जरूरत है तो प्रस्ताव में इसका भी साफ उल्लेख किया जाए। औद्योगिक हब का निर्माण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रस्ताव को तैयार करते समय एमएसएमई, एग्रो, बेस्ड इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउंसिग, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि को भी शामिल किया जाएगा।
निर्यात इकाई के लिए विशेष प्रावधान प्रस्ताव में शामिल हो। मंडल में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। जिलों में चिन्हित की जाने वाली भूमि में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, सड़क, कोल्ड स्टोरेज आदि सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। इन सभी को भी प्रस्ताव में विस्तार से शामिल किया जाए। स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट, प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना व प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी शामिल करें। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि जल्दी ही तीनों जिलों का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बता दें कि जिले से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करीब 74 किलोमीटर का हिस्सा गुजरता है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून की दूरी घट गई है। एक्सप्रेसवे से जिले की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।