सहारनपुर। साढ़े आठ महीने पहले किसान से मुआवजे के नाम पर रिश्वत लेते पकड़े गए अमीन को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अब इनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच होगी। इसे लेकर जिलाधिकारी ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन को संपत्ति की जांच करने के निर्देश दे दिए हैं।
दरअसल, एक किसान ने करीब नौ महीने पहले भ्रष्टाचार निवारण संगठन (थाना एंटी करप्शन) में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसमें किसान ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में अमीन के पद तैनात ऋषिपाल सिंह ने मुआवजे दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद टीम ने आठ जनवरी को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से अमीन ऋषिपाल सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
करीब साढ़े आठ महीने जेल में रहने के बाद अमीन को हाईकोर्ट से जमानत मिल पाई। लेकिन उनकी मुश्किलें अब भी कम नहीं हुई है। अब जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच करने के भ्रष्टाचार निवारण संगठन को निर्देश दिए है। संगठन ने संपत्ति से संबंधित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- इस साल भ्रष्टाचार के आठ मामले पकड़े
सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार नहीं रुक रहा है। इस साल भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम रिश्वत लेने के आठ मामले पकड़ चकी है। सहारनपुर में सबसे बड़ी 1.50 लाख रुपये की रिश्वत होमगार्ड को बहाल करने के नाम मांगी गई थी। तीन मई को होमगार्ड के मंडलीय कार्यालय कमांडेंट में तैनात कनिष्ठ सहायक दिनेश चंद्र को पकड़ा था। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में भोपा थाने से उप निरीक्षक, मत्स्य विकास अधिकारी मुजफ्फरनगर, विद्युत निगम के अवर अभियंता, सहायक चकबंदी अधिकारी नकुड़, विद्युत निगम के टीजी-टू मुजफ्फरनगर और राजस्व लेखपाल सदर तहसील मुजफ्फरनगर पकड़े गए।
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सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से रिश्वत लेते अमीन को पकड़ा था। जिसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जिलाधिकारी ने आय से अधिक संपत्ति जांच के निर्देश दिए है। जांच शुरू कर दी है। - जसपाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन