सहारनपुर। नगर निगम में कई लिपिकों के पटल परिवर्तन किए गए हैं। इनमें कुछ लिपिक ऐसे भी हैं, जिनके पटल परिवर्तन की केवल औपचारिकता निभाई गई है। पटल परिवर्तन को लेकर नगर निगम में दिन भर तरह तरह की चर्चाएं रहीं। नियमानुसार कोई भी लिपिक एक पटल पर तीन साल से अधिक समय तक लगातार नहीं रह सकता है। लेकिन नगर निगम में कुछ लिपिक राजनीतिक संरक्षण की वजह से मनचाहे पटल पर रहते आए हैं। केवल आठ लिपिकों के पटलों में परिवर्तन किया गया है। इनमें भी कुछ लिपिक ऐसे हैं, जिनके पटल परिवर्तन में केवल औपचारिकता निभाई गई है। कई ऐसे लिपिकों को प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, जो तीन साल से अधिक का समय पूरा कर चुके हैंं।
- यह हुआ पटल परिवर्तन
सोनू कुमार को राज्य वित्त एवं निगम निधि लिपिक (निर्माण अनुभाग) से हटाकर जलकल अनुभाग में भेजा गया है। संजीव श्रीवास्तव को जलकल अनुभाग व सदन लिपिक से हटाकर ग्रांट लिपिक (निर्माण अनुभाग) बनाया गया है। साथ ही सदन लिपिक पद पर वह संबद्ध रहेंगे। नितिन कुमार को स्टोर कीपर पथ प्रकाश अनुभाग बनाया गया है। साथ ही वह नगरायुक्त के स्टेनो पर संबद्ध रहेंगे। दीपक वर्मा सूचना लिपिक व बाइलॉज लाइसेंस लिपिक पदों से हटाकर वाद लिपिक बनाया गया है, जबकि शिवानंद त्रिपाठी को वाद लिपिक से हटाकर सूचना लिपिक, बाइलॉज लाइसेंस लिपिक, अधिष्ठान लिपिक बनाया गया है।
दिनेश भंडारी को ग्रांट लिपिक (निर्माण अनुभाग) व स्टेनो महापौर से हटाकर राज्य वित्त एवं निगम निधि लिपिक (निर्माण अनुभाग) की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही महापौर के स्टेनो पद से संबद्ध किए गए हैं। सुनीता रानी को अधिष्ठान लिपिक स्वास्थ्य अनुभाग से हटाकर अपर नगरायुक्त प्रथम के स्टेनो के रूप में संबद्ध किया है। आशु कुमार को अपर नगरायुक्त प्रथम के स्टेनो पद से हटाकर अधिष्ठापन लिपिक स्वास्थ्य अनुभाग बनाया गया है।