सहारनपुर। संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से निजी एंबुलेंस की किराया दर किमी के हिसाब से तय है। पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थी कि एंबुलेंस संचालक मनमाफिक किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में टीम ने शनिवार को एसबीडी जिला अस्पताल के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस के किराए पर स्टिंग किया तो परतें खुलती चली गईं। न तो एंबुलेंस पर तय दरें चस्पा हैं और न ही मोबाइल नंबर, जबकि कुछ समय पहले सभी एंबुलेंस चालकों से कहा गया था कि वह मोबाइल नंबर व तय दरें चस्पा करा लें, लेकिन एंबुलेंस चालक देहरादून, मेरठ, चंडीगढ़ जाने के लिए तीमारदारों से तीन हजार, चार हजार और 4500 रुपये लेते हैं। एंबुलेंस में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और एसी की सुविधा है तो किराया दो से तीन गुना तक बढ़ जाता है। चालक यह भी बता देते हैं कि कौन से शहर में कौन अच्छा डॉक्टर है।
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रिपोर्टर और एंबुलेंस चालक की बातचीत
रिपोर्टर : भाई साहब मरीज को मेरठ लेकर जाना है।
चालक : मरीज कहां पर भर्ती है।
रिपोर्टर : जिला अस्पताल में भर्ती है।
चालक : चले जाएंगे।
रिपोर्टर : कितना किराया लगेगा।
चालक : चार हजार रुपये।
रिपोर्टर : मेरठ 130 किमी है। 20 रुपये प्रति किमी के हिसाब से 2600 रुपये बैठते हैं।
चालक : इससे कम नहीं होगा, जो मानक तय किए गए हैं उसमें खर्च भी नहीं निकलता।
रिपोर्टर : मरीज की हालत ठीक नहीं है। देख लो।
चालक : चार हजार से कम किसी हालत में नहीं होंगे।
रिपोर्टर : ठीक है भाई साहब। थोड़ी देर में आकर बताता हूं।
सहारनपुर से देहरादून जाने पर बातचीत
रिपोर्टर : भैया, एंबुलेंस करनी है।
चालक : हो जाएंगी। कहां पर जाना है।
रिपोर्टर : देहरादून जाना है। कितना किराया लगेगा।
चालक : तीन हजार रुपये।
रिपोर्टर : 20 रुपये प्रति किमी तय कर रखा है, उसके हिसाब से 67 किमी का 1340 बैठते हैं, आप ज्यादा क्यों ले रहे हैं।
चालक : इससे कम में नहीं हो पाएगा। किसी और से बात कर लो।
रिपोर्टर : देख लो 100-200 रुपये कम हो जाए।
चालक : नहीं होगा।
किराए की तय दरें
प्रथम 10 किलोमीटर के लिए एक हजार रुपये और 10 किलोमीटर के बाद 20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराए की दरें तय हैं।
वर्जन
अगर कोई निजी एंबुलेंस चालक निर्धारित दर के बजाय मनमाना किराया वसूल रहा है तो यह गलत है। किलोमीटर के हिसाब से दरें तय की गई हैं। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन