सहारनपुर। सोमवार (आज) विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाएगा। मरीजों के इलाज में फार्मासिस्ट भी चिकित्सकों के साथ बीमारी को दूर करने में सहयोगी हैं। इस समय डेंगू के मरीजों को पर्चे पर लिखी दवाओं को देकर मरीजों की जान बचा रहे हैं। वहीं, जिले में सृजित पदों के मुकाबले 14 पद खाली हैं। कहीं पर एक ही फार्मासिस्ट के सहारे स्वास्थ्य केंद्र है।
सम्मान देने के लिए हर साल विश्व फार्मासिस्ट दिवस 25 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन जिले में विभिन्न संगठनों के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित होंगे। अग्रणी भूमिका निभाने वाले फार्मासिस्ट सम्मानित किए जाएंगे। इन दिनों वायरल बुखार के साथ डेंगू का कहर जारी है। हर घर में कोई न कोई सदस्य बुखार से ग्रसित है। अस्पताल के वार्ड बुखार मरीजों से फुल हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट चिकित्सकों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। चिकित्सकों के पर्चे पर लिखी दवा दे रहे हैं। साथ ही डेंगू से बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।
जिले में फार्मासिस्ट के पदों की बात करें तो यहां स्थिति ठीक नहीं है। कुल पद 128 हैं। इनमें से 114 पदों पर ही फार्मासिस्ट कार्य कर रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में नौ में से आठ फार्मासिस्ट हैं, जबकि एक पद खाली पड़ा है। जिला महिला अस्पताल में नौ पद हैं और सभी पर फार्मासिस्ट की तैनाती है। 113 स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत हैं, जो मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन हैं। कई स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां पर एक ही फार्मासिस्ट है, जबकि वहां दो से तीन पद सृजित हैं।