सहारनपुर। जिले में लंपी त्वचा रोग ग्रसित पशुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते 11 दिनों में 22 गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई, जबकि करीब ढाई हजार पशु बीमारी की चपेट में है। लगातार बढ़ रही बीमारी ने पशुओं पालकों में दहशत फैलाने के साथ उनकी नींद उड़ा दी है। वहीं, पशु पालन विभाग में भी हड़कंप मचा है।
लंपी बीमारी से देवबंद, गंगोह, तीतरो, बड़गांव शिमलाना, बेहट, फतेहपुर क्षेत्रों के अनेक गांवों में गोवंशीय पशु बीमार हैं। इन क्षेत्रों के गांव दल्हेड़ी निवासी किसान अरुण कुमार ने बताया कि बीस दिन पहले उनकी एक गाय लंपी वायरस की चपेट में आई थी। इसके बाद चार गाय और बीमार हो गई। दो गाय बिल्कुल भी दूध नहीं दे रही है। अब तक वह हजारों रुपये इलाज पर खर्च कर चुके हैं, लेकिन कोई आराम नहीं मिला है। उनके गांव में ही दो दर्जन से ज्यादा गोवंश बीमार हैं। साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव चको निवासी पशुपालक अवनीश ने बताया कि उसकी चार दुधारू गाय पिछले पांच दिनो से बीमारी की चपेट में है। वह दूध बेचकर खर्च चलता था, अब पशु बीमार होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रसूलपुर निवासी पशुपालक प्रदीप सैनी ने बताया कि उनकी दो दुधारू गाय पिछले तीन दिनों से बीमार हैं। इसी तरह अलीपुरा, कवादपुर, गांव टिकरौल, बुंदूगढ़, रादौर, महंगी, बेरखेड़ी, चिलकाना क्षेत्र के गांव चौरीमंडी, दुमझेड़ा, नल्हेड़ा, पठ़ेड टोडरपुर, आल्हणपुर, धौलाहेड़ी, दानतपुर, घोड़ोपीपली, अहाड़ी, पांजबांगर, बुड्ढाखेड़ा, सुल्तानपुर, दूधगढ़, दौलतपुर, नथमलपुर सहित अनेक गांवों में पशु बीमारी की चपेट में हैं।
कंट्रोल रूम पर आ रही सूचनाएं
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव सक्सेना का कहना है कि कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है, जहां पर सूचना मिलने पर मौके पर विभाग की टीमें पहुंचकर पशुओं का इलाज कर रही हैं। मंगलवार को 20 सूचनाएं आई। तत्काल प्रभाव से टीमों को मौके पर भेजा गया। 11 दिनों में 22 गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है, जबकि ढाई हजार के करीब बीमार है।
सुखड़ी गांव में मचा ज्यादा प्रभावित
गंगोह क्षेत्र के गांव सुखड़ी में पिछले एक सप्ताह में 12 गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है। जयकरण सैनी, शोभाराम कश्यप, अरविंद, वेद सिंह सैनी, पहल सिंह सैनी, सोमपाल, शेर सिंह, राजकुमार की गायों की मौत हो चुकी है। मुल्की राज धर्म सिंह सैनी, सोमपाल, ओमपाल आदि की करीब 50 से अधिक गाय बीमार हैं। पशु पालकों का कहना है कि विभाग की टीमें सिर्फ औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं।
विधायक ने प्रधानों के साथ की बैठक
रामपुर मनिहारान ब्लॉक कार्यालय पर विधायक देवेंद्र निम ने लंपी बीमारी को लेकर पशु पालकों व ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की। कहा कि पशुपालक बीमारी से बिल्कुल न घबराएं। यदि किसी भी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे है तो सरकारी चिकित्सको की सलाह लेकर उपचार कराएं। बीमारी के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विजयपाल, एसडीएम संगीता राघव, बीडीओ केपी श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजीत राठी मौजूद रहे। वहीं, एसडीएम संगीता राघव ने राजकीय पशु पॉली क्लीनिक का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।
क्या है लंपी त्वचा रोग
लंपी कैपरी पॉक्स वायरस द्वारा होती है। यह मक्खियों व मच्छरों के काटने से फैलती है। इस बीमारी में शुरू में दो-तीन दिन तक बुखार आता है तथा बाद में शरीर में सारी चमड़ी के ऊपर 2 से 5 सेंटीमीटर तक की गांठें बन जाती हैं। यह गांठें गोल व उभरी हुई होती है। गांठें कभी-कभी मुंह में तथा सांस नली में भी हो जाती है। इस बीमारी में पशु कमजोर हो जाता और पैरों पर सूजन आ जाती है। साथ ही दूध उत्पादकता कम हो जाती है। सही समय पर इलाज मिलने पर पशु दो से तीन सप्ताह के अंदर ठीक हो जाता है।