अंबेहटा। आर्य समाज के मंत्री प्रेमचंद सैनी ने कहा कि ज्ञान का सागर चार वेद ईश्वरीय वाणी है। इसमें मनुष्यों के जीवन के कल्याण की सब सामग्री विद्यमान है। आर्य समाज के साप्ताहिक सत्संग में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दयानंद सरस्वती ने अविद्या को मनुष्य का शत्रु बताते हुए कहा था कि इससे छुटकारा पाने का एक मात्र उपाय वेदों का पठन-पाठन है। बताया कि जब से वेदों के प्रचार प्रसार में कमी आई अंधविश्वास की जड़ें मजबूत हुई। आह्वान किया कि आडंबरों को त्यागकर वास्तविकता को पहचानने का प्रयास करें। इससे पहले यज्ञ हुआ। इस दौरान श्रीराम शर्मा, निशांत मित्तल, मोहर सिंह, नरेश कुमार,समय सिंह, प्रवेश शर्मा, छोटूराम आदि मौजूद रहे।