देश की सुरक्षा का अहम हिस्सा माने जाने वाले सरसावा एयरबेस को और मजबूत बनाने के लिए अब इसके विस्तार की तैयारी है। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों से लेश इस एयरबेस को 11 एकड़ क्षेत्र में विस्तार करने की योजना है। इसके लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है।
आसपास के गांवों में अधिग्रहण के लिए अब एयरफोर्स ग्राम प्रधानों से संवाद कर आम सहमति बनाने में जुट गया है। मंगलवार को करीब 11 ग्राम प्रधानों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एयरफोर्स अफसरों ने बैठक की। इस दौरान वायुसेना के बड़े अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों के सामने विस्तारीकरण का खाका पेश किया।
भारतीय वायुसेना द्वारा सरसावा स्थित वायुसेना स्टेशन के विस्तारीकरण के प्रस्ताव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वायुसेना स्टेशन की जद में आने वाले गांवों सरसोहेड़ी, सौराना, सैदपुरा, बुढेडा, धौलापड़ा, सरूरपुर, अहमदपुर के प्रधानों तथा नकुड़ तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों को स्टेशन में बुलाया गया था। जहां वायुसेना के बड़े अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों के सामने विस्तारीकरण का खाका पेश किया। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि करीब 11 सौ एकड़ जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा गया।
हालांकि सूत्रों ने बताया कि वायुसेना अवस्थाना द्वारा केंद्र सरकार के पास अभी मात्र प्रस्ताव भेजा रहा है। आपको बता देें कि इससे पूर्व आजादी से पहले सन 1942 में ब्रिटिश शासन में जब यहां वायुसेना अवस्थान की स्थापना की गयी थी कि तो शेरपुर गांव को पूरी तरह से विस्थापित होना पड़ा था। जबकि ग्राम सरसोहेड़ी, बुढेड़ा तथा सरूरपुर की आंशिक आबादी भी विस्थापित हुई थी। सोमवार को हुई बैठक में वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि इस बार भी एक दो गांवों की आंशिक आबादी विस्थापित हो सकती है।
पुराने प्लान पर ही है नक्शा
सरसावा। सूत्रों ने बताया जिस विस्तारीकरण का नक्शा वायुसेना के अधिकारी पेश कर रहे है दरअसल ये नया नहीं है बल्कि ब्रिटिश काल का ही है।
पूर्व नक्शे के आधार पर सन 1942 के बाद भी जरूरतों के हिसाब से जमीन अधिग्रहित की जाती रही है। मगर, अब देश की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एयरबेस को भी मजबूत करने की योजना तैयार की जा रही है। इसी के तहत विस्तारीकरण योजना को पूरी करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
बैठक के बाद गांव में चर्चाएं शुरू
सरसावा। मीटिंग समाप्त कर गांव लौटकर ग्राम प्रधानों ने जैसे ही इस बात की चर्चा गांव में की अचानक हलचल मच गई। हाल ही में क्षेत्र में बाईपास के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के भारी भरकम मुआवजे ने लोगों को मालामाल किया है। इसी कारण कुछ लोग वायुसेना स्टेशन के विस्तारीकरण से खुश नजर आए तथा अपनी जमीन के हिसाब से संभावित मुआवजे की गुणा भाग करने लगे।
वहीं मंगलवार को क्षेत्रीय लेखपालों के यहां इस बाबत जानकारी लेने वालों की भारी भीड़ रही। हालांकि लेखपालों ने इस संबंध में किसी भी जानकारी से इंकार किया। वहीं अनेक लोगों ने कहा कि अधिग्रहण पर निराशा जाहिर की।
गांव सरूरपुर के लोगों ने कहा कि जिसके पास कम जमीन है उसे तो अधिग्रहण का लाभ हो सकता है। बड़े जमींदारों का भारी नुकसान होगा। उन्हें कहीं और जमीन खोजनी होगी तथा दो जगह खेती करनी पड़ेगी साथ पूरा घर विस्थापित हो जाएगा।