रामपुर मनिहारान। रामपुर मनिहारान को वर्ष 2007 में तहसील का दर्जा मिला था। तब से मंडी समिति परिसर में अस्थायी तौर पर तहसील चल रही है। अब दिल्ली रोड स्थित रेलवे फाटक के पास स्थायी तहसील के भवन का निर्माण चल रहा है। इसके दिसंबर 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन अधिवक्ताओं के लिए तहसील भवन में चैंबर की व्यवस्था नहीं की गई है। अधिवक्ता लगातार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर चैंबर की मांग कर रहे हैं। अमर उजाला इस अभियान के माध्यम से अधिवक्ताओं की मांग को उठाएगा।
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- तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह का कहना है कि निर्माणाधीन तहसील भवन में अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। न ही बताया जा रहा है कि उनके चैंबर कहां बनेंगे। इसके लिए ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं।
- महासचिव विपिन कुमार का कहना है कि यह समझ से परे की बात है कि बिना अधिवक्ताओं के तहसील का कामकाज कैसे चलेगा। बिना चैंबर अधिवक्ता कहां बैठेंगे।
-पूर्व उपाध्यक्ष योगेंद पुंडीर का कहना है कि पिछले 17 सालों से रामपुर मनिहारान को स्थायी तहसील का दर्जा प्राप्त करने की मांग कर रहे हैं। अब मांग पूरी हो रही है, लेकिन अधिवक्ता के लिए चैंबर की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
-अधिवक्ता नवीन चौधरी का कहना है कि जब तक चैंबर की व्यवस्था तहसील में नहीं होती, तब तक अधिवक्ताओं का संघर्ष जारी रहेगा। जिला प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
- अधिवक्ता ठाकुर जगपाल सिंह का कहना है कि स्थायी तहसील में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर की व्यवस्था बहुत जरूरी है। बिना अधिवक्ताओं के तहसील नहीं चल सकती। इसीलिए अधिवक्ताओं की मांग सुनी जाए।