सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय (एमएसयू) से संबद्धता के तीन साल बाद भी कुछ उच्च शिक्षण संस्थान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की संबद्धता के दस्तावेज इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज का सामने आया है, जो आज भी विद्यार्थियों को सीसीएसयू की संबद्धता की फीस रसीद थमा रहा है। इस संबंध में एमएसयू में शिकायत की गई है।
एमएसयू के उद्घाटन के दिन से ही सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के उच्च शिक्षण संस्थानों की संबद्धता चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से हटकर मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर से हो गई थी। उसके बाद महाविद्यालयों और अन्य संस्थानों ने अपने सभी पुराने दस्तावेज रद्दी की टोकरी में डाल कर नई रसीद, प्रॉसपेक्टस आदि प्रकाशित कराए, लेकिन कुछ महाविद्यालय और संस्थान ऐसे हैं, जो अब भी तीन साल पुरानी रसीद और अन्य कागजों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इन्हीं में से एक है डीएवी कॉलेज मुजफ्फरनगर, जिसने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अक्तूबर 2025 में जो रसीद दी है। उस पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की संबद्धता लिखा हुआ है। इस संबंध में कुछ छात्रों ने मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय को व्हाट्सएप के जरिए शिकायत भेजी है, जिसमें रसीदें भी शामिल हैं।