सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। न्यायिक कार्याें से विरत रहे अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय भी बंद कराया।
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में दि कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश का उच्च न्यायालय इलाहाबाद में स्थित है और खंडपीठ लखनऊ में है। ये दोनो ही स्थान सहारनपुर से करीब क्रमश: 700 और 500 किलोमीटर दूर हैं। अधिक दूरी होने के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो संविधान और सस्ते एवं सुलभ न्याय की अवधारणा के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 22 जिलों के अधिवक्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ की मांग को लेकर काफी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग की। इससे पहले अधिवक्ताओं ने बार सभागार में बैठक की और रजिस्ट्री कार्यालय को बंद कराया।
इस दौरान अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा और महासचिव अनिल कुमार चौहान, हुकुम सिंह गुर्जर, हरपाल सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह पुण्डीर, सुरेंद्र सिद्धू, रणवीर सिंह राठौर, भीम सिंह चौधरी, जसवीर सिंह, अरविन्द कुमार सैनी, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।