सहारनपुर। दि कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार सदर और चकबंदी अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इन दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण होने तक उनके न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
मंगलवार को बार सभागार में आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार सदर एवं चकबंदी अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने एवं न्यायालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसमें सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनका व्यवहार अधिवक्ताओं के साथ बहुत ही अपमानजनक है। साथ ही उनका आचरण भी न्यायालय की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इससे वादकारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सदस्यों की राय को सुनकर सर्वसम्मति से तहसीलदार सदर एवं चकबंदी अधिकारी के व्यवहार की निंदा की गई। साथ ही स्थानांतरण होने तक उनके न्यायालय का बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
कहा कि उनके न्यायालय में कोई भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं होगा। इस प्रस्ताव की प्रति मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद लखनऊ, चकबंदी आयुक्त लखनऊ, जिलाधिकारी सहारनपुर और मंडलायुक्त को भेजी गई हैं। अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषिपाल सिहं एडवोकेट एवं संचालन महासचिव विपिन मौर्य एडवोकेट ने किया।
इस दौरान अम्बरीश अग्रवाल, कृपाल सिंह, चंद्रशेखर त्यागी, हुकुम सिंह गुर्जर, अशोक कुमार शर्मा, जितेंद्र सिहं पुंडीर, अरविंद कुमार सैनी, जसवीर चौधरी, भीम सिंह, जसपाल आदि मौजूद रहे। उधर, तहसीलदार सदर अमित कुमार सिंह ने बताया कि बार एसोसिएशन की ओर से अभी तक मेरे समक्ष कोई भी शिकायत नहीं आई है। बहिष्कार के निर्णय की भी जानकारी नहीं है।