- जिले में तीन साल के अंदर हुए 1246 सड़क हादसे, 893 की जा चुकी है जान
- सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ सात ब्लैक स्पॉट, पिछले साल थे नौ ब्लैक स्पॉट
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में साल दर साल हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है, लेकिन ब्लैक स्पॉट कागजों में घट गए हैं। तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 1246 हादसे हुए हैं। इन हादसों में 893 लोग मौत के मुंह में समा गए, जबकि 1350 लोग घायल भी हुए। इतने हादसे के बावजूद जिले में ब्लैक स्पॉट बढ़ने की बजाय घट रहे हैं, जो हैरान कर देने वाले हैं। हकीकत तो यह है कि शहर में भी हादसे हो रहे हैं, लेकिन विभागीय कागजों में शहर के अंदर एक भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल जिले में नौ ब्लैक स्पॉट थे। इस बार इनकी संख्या घटकर सात रह गई है।
- तीन साल में कितने हादसे और मौत :
वर्ष कुल हादसे मौत घायल
2021 380 299 377
2022 473 333 547
2023 (31 अक्तूबर तक) 393 261 426
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सरकारी रिकॉर्ड में ये हैं ब्लैक स्पॉट
- देवबंद में जामिया-तिबिया हाईवे, साखन नहर, साईं धाम मंदिर
- बेहट में कलसिया तिराहा, गंदेवड़ तिराहा
- बिहारीगढ़ में गणेशपुर, मोहंड जंगल
जिले में इन स्थानों पर अक्सर होते हैं हादसे :
- सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाइवे स्थित नवीन मंडी स्थल, श्री साईं धाम मंदिर, साखन नहर, जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज पर अधिक हादसे
- सर्विस रोड गंगनहर पुल क्राॅसिंग पर
- देवबंद नानौता रोड पर हिंडन नदी पुल के पास तीव्र मोड़ पर
- मिर्जापुर-जसमौर मार्ग पर गांव नौगांवा पुल से पहले घूम पर तेज मोड़
- छुटमलपुर-देहरादून हाईवे पर रसूलपुर कट
- छुटमलपुर-देहरादून हाईवे पर फतेहपुर भादो में कलसिया तिराहा
- छुटमलपुर-देहरादून हाईवे पर शेरपुर खानाजादपुर बस अड्डा
- छुटमलपुर रुड़की सड़क मार्ग पर बड़कलां कट
- साढौली कदीम में भोजपुर घूम पर
- दिल्ली-यमनोत्री हाईवे पर गांव मीरगढ़ के रास्ते पर लगने वाले कट पर
- गंदेवड़-चिलकाना रोड पर साढौली कदीम घूम पर
- खेड़ा अफगान-फंदपुरी रोड मोहद्दीनपुर गांव पुलिया के पास
- नानौता में गंगोह रोड स्थित तीतरों मोड़ पर
- देवबंद रोड स्थित डिग्गी नहर पुल के पास
- दिल्ली यमुनोत्री हाईवे पर ग्राम शेखुपुरा, देवपुरा के पास
- गंगोह रोड पर ग्राम हिमामपुर नहर पुल के पास मोड़ पर
- तीतरों में फूंसगढ़ पुलिया पर तीव्र मोड़ पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं
- वर्जन
हादसा होने की सबसे बड़ी समस्या लापरवाही है। चालक वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन नहीं करते हैं। रही बात ब्लैक स्पॉट की तो जहां पर हादसे में अधिक मौत होती हैं, उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है। - एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
-वर्जन
जहां हादसे होते हैं और उस स्थान को जल्दबाजी में ब्लैक स्पॉट घोषित नहीं किया जाता। ब्लैक स्पॉट घोषित करने के मानक होते हैं। उसके बाद ही उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है। - सिद्धार्थ वर्मा, एसपी यातायात