सहारनपुर। विकास और बदहाली की दो तस्वीरें आपके सामने हैं। एक तरफ है नगर निगम क्षेत्र का रामगढ़ गांव, जहां पर समस्याओं का अंबार है। रास्ते बदहाल हैं तो स्ट्रीट लाइटें खराब हैं और गंदे पानी की उचित निकासी तक नहीं है। इससे महज 300 मीटर की दूरी पर है ग्राम पंचायत आदमपुर का मजरा चक आमवाला। यहां रास्ते अच्छे हैं तो स्ट्रीट लाइटें भी रात में उजियारा करती हैं। अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को दोनों गांवों के हालातों में अंतर जानने के लिए पड़ताल की। 2000 की आबादी वाले गांव रामगढ़ के लोगों का साफ कहना था कि 11 साल पहले निगम क्षेत्र में आने का कोई लाभ नहीं मिला, वहीं चक आमवाला के लोग विकास के मामले में रामगढ़ की तुलना में अधिक संतुष्ट नजर आए। पेश है दोनों गांवों में विकास के अंतर को बयां करती रिपोर्ट...
एक तरफ सीसी रोड, दूसरी तरफ कच्चे रास्ते
रामगढ़ में प्रवेश के लिए दो रास्ते हैं। पहला रास्ता जो करीब 100 मीटर लंबा है, पूरी तरह कच्चा है। मुख्य प्रवेश मार्ग टाइल्स से बना हुआ है। गांव के अंतिम छोर पर जाकर करीब दस मकान ऐसे हैं, जिनके सामने कच्चे रास्ते हैं। उधर, गांव चक आमवाला माजरा में प्रवेश के लिए बनी रोड सीसी है, जो चमक मारती है। गांव के भीतर भी सभी गलियां सीसी से बनी हुई हैं।
सफाई व्यवस्था में काफी अंतर
रामगढ़ में प्रवेश करते ही पांच कुरड़ियां (कचरे के ढेर) हैं, जिन पर लोग कचरा डालते हैं। इससे ठीक आगे प्राथमिक विद्यालय के गेट के पास कूड़ाघर बनाया गया है। नालियां कीचड़ से भरी हैं। रामगढ़ वालों का कहना है कि सफाई कर्मी सप्ताह में एक दिन आते हैं। उधर, चक आमवाला माजरा की सड़कें और गलियां चमाचम हैं। हालांकि यहां भी सफाईकर्मी ढिलाई बरत रहे हैं।
जलभराव की समस्या
रामगढ़ में पानी की निकासी के लिए मुख्य नाला कचरे से अटा हुआ है। ऐसे में गांव से निकलने वाला पानी खेतों में जा रहा है, जिसे लेकर कई बार विरोध भी हो चुके हैं। ढलान ठीक से नहीं होने की वजह से गलियों में भी जलभराव है। उधर, चक आमवाला माजरा की गलियों में जलभराव कहीं नहीं मिला।
रामगढ़ से अच्छी पथ प्रकाश व्यवस्था
रामगढ़ की गलियों में खंभों पर लाइटें लगी हैं। मगर पूरे गांव में मात्र तीन ही लाइटें इन दिनों जल रही हैं। यहां शहर से उतारी गई पुरानी लाइटें लगाई गई हैं। उधर, चक आमवाला माजरा में सभी खंभों पर एलईडी लाइटें लगी हैं। इसके अलावा सोलर लाइटें भी लगी हैं। कुछ जगहों पर दो-दो लाइटें हैं।
जनता की बात...
- रामगढ़ निवासी बलजीत सिंह का कहना है कि शहर से भले वह गांव में थे। पहले ग्राम प्रधान को पकड़कर काम करा लेते थे, नगर निगम में कोई सुनवाई नहीं है।
- रामगढ़ निवासी रामपाल सिंह का कहना है कि गांव चक आमवाला माजरा विकास के मामले में रामगढ़ से कहीं आगे है। हमें लगता है कि हम भी गांव ही में ठीक थे।
- चक आमवाला निवासी सतीश ने बताया कि समस्याएं तो उनके यहां भी हैं, मगर रामगढ़ की तुलना में उनके यहां हालात ज्यादा बेहतर हैं।
- चक आमवाला निवासी अजीत पैगवाल का कहना है कि ग्रामीणों को ग्राम पंचायत में होने का कोई मलाल नहीं है, क्योंकि वह पड़ोसी गांव रामगढ़ के हालात से वाकिफ हैं।
नगर निगम के सभी वार्डों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। रामगढ़ में जो समस्याएं हैं, सर्वे कराकर उन समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा। - संजीव वालिया, महापौर, नगर निगम
गांव चक आमवाला मजरा में प्रवेश के लिए बनी सीसी रोड।- फोटो : SAHARANPUR
चक आमवाला मजरा निवासी सतीश कुमार।- फोटो : SAHARANPUR
चक आमवाला मजरा निवासी अजीत पैगवाल।- फोटो : SAHARANPUR
रामगढ़ निवासी बलजीत सिंह।- फोटो : SAHARANPUR
चक आमवाला में एलईडी लाइट के साथ ही सोलर लाइट भी।- फोटो : SAHARANPUR
रामगढ़ में टूटी गलियां।- फोटो : SAHARANPUR
रामगढ़ में खराब पड़ी लाइट।- फोटो : SAHARANPUR