सड़क दूधली में सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस।
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सहारनपुर। संविधान निर्माता डा भीमराव अंबेडकर की जयंती आशंकाओं के बीच जिले भर में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। दूधली गांव में एक साल पहले हुए बवाल के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने इस बार कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे। बसपा और भीम आर्मी के अलावा तमाम संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित कर डा. आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहर और ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास के साथ डा. आंबेडकर की शोभायात्राएं निकाली गई।
शनिवार को डा. भीमराव आंबेडकर जयंती पर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए। संवेदनशील इलाकों में पुलिस के अलावा पीएसी और आरएएफ तैनात रही। शहर में आठ स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों की प्रशासन ने अनुमति दी थी। गांव हौजखेड़ी, पीकी, सरकड़ी शेख, शब्बीरपुर, हलालपुर और ग्राम सड़क दूधली में हुई पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती।
पिछले वर्ष सड़क दूूधली में शोभायात्रा निकालने को लेकर बवाल हो गया था। शोभायात्रा के दौरान पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। घटना के दौरान सांसद राघव लखनपाल शर्मा, उनके भाई राहुल लखनपाल शर्मा और पूर्व विधायक राजीव गुंबर सहित कई भाजपाई मौजूद थे। पुलिस ने मामले में भाजपाइयों सहित दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस बार गांव के आंबेडकर भवन में पुलिस की मौजूदगी में भंडारे का आयोजन किया गया।
इसके अलावा संतागढ़ और नाजिरपुरा में भी कार्यक्रम हुए। महानगर के संवेदनशील इलाकों सहित सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। जनपद के सभी सीओ और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करते रहे। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित हुए। सकुशल कार्यक्रम संपन्न कराए गए।