सहारनपुर। जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने हेल्प लाइन पर रोजेदारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि रमजान में एक खास इबादत ऐतेकाफ होती है, जब रोजेदार खुद को दुनिया और घर वालों से अलग कर पूरा समय इबादत में लगाता है। मर्दों का ऐतेकाफ मस्जिदों में होता है। मोहल्ले की मस्जिदों में किसी एक व्यक्ति ने भी ऐतेकाफ कर लिया तो सबकी की ओर से अदा हो जाता है, अगर किसी एक ने भी अदा नहीं किया तो सभी गुनहगार होंगे। महिलाओं को घर में ऐतेकाफ करना चाहिए।
सवाल : लखीमपुर खीरी से लबीबा खातून ने पूछा कि उनका पांच माह का बच्चा है, जो काफी कमजोर है और मां का दूध पीता है। रोजे की हालत में बच्चे को दूध पिलाने के लिए शरीयत में क्या कहा गया है।
जवाब : शरीयत के मुताबिक अगर दूध पिलाने वाली महिला के रोजा रखने की वजह से बच्चे की सेहत पर असर आ रहा है और कमजोरी की वजह से महिला दूध नहीं पिला रही है, तो ऐसी सूरत में शरीयत इजाजत देती है कि महिला रोजा न रखे और बाद में कजा करे।
सवाल : देवबंद निवासी खलील ने पूछा कि क्या कई लोगों का फितरा एक ही गरीब को देने जायज है।
जवाब : जी हां, कई लोगों का फितरा एक गरीब को देना या किसी एक का फितरा चंद गरीबों को देना जायज है।
इन नंबरों पर पूछे सवाल
सहारनपुर। रोजेदार फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाटस एप कर सवाल पूछ सकते हैं।