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Saharanpur News: भाजपा की हार की समीक्षा करेगी दो सदस्यीय टीम, देगी रिपोर्ट

Tue, 18 Jun 2024 01:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। लोकसभा चुनाव में सहारनपुर और कैराना सीट पर हुई भाजपा की हार की समीक्षा दो सदस्यीय टीम करेगी। पार्टी हाईकमान की तरफ से यह टीम गठित की गई है, जो जल्दी ही सहारनपुर में आएगी। चुनाव में हार की क्या वजह रही, किन बिंदुओं पर चूक भारी पड़ी और भविष्य में उनमें कैसे सुधार किया जा सकता है इसकी रिपोर्ट तैयार कर पार्टी हाईकमान को भेजी जाएगी।
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दरअसल, लोकसभा चुनाव में भाजपा को इन दोनों सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। सहारनपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल मैदान में थे, जबकि कैराना सीट पर पिछली बार सांसद रहे प्रदीप चौधरी किस्मत आजमा रहे थे। दोनों ही सीटों पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। सहारनपुर सीट पर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और अन्य दिग्गजों का आए दिन जमावड़ा लगा रहा है, लेकिन चार जून को जो परिणाम सामने आया है उसने पार्टी हाईकमान को भी बेचैन कर दिया।
गठबंधन प्रत्याशी इमरान मसूद ने सहारनपुर में भाजपा को 64542 वोटों से हरा दिया, जबकि कैराना में भी गठबंधन प्रत्याशी इकरा हसन ने भाजपा को 69116 वोटों से शिकस्त दी। पार्टी हाईकमान की तरफ से हार की समीक्षा करने के लिए एमएलसी व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला और विधायक आशीष कुमार आशु को सहारनपुर व कैराना की जिम्मेदारी दी है। दोनों नेता जल्दी ही सहारनपुर और कैराना में स्थानीय पदाधिकारियों के साथ-साथ जनता के बीच जाकर इसकी समीक्षा करेंगे।
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इन बिंदुओं पर कमजोर पड़ी भाजपा

- भाजपा की हार का बड़ा कारण कम मतदान प्रतिशत रहा। 2019 के चुनाव में 70.47 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार 66.65 फीसद मतदान रहा।
- मतदान के दिन सुबह 10 बजे तक मतदान केंद्रों पर भीड़ दिखाई दी। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एकतरफा वोट डाला और देर शाम तक मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर भीड़ लगी रही, लेकिन हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों के बूथ खाली रहे। भाजपा हिंदू मतदाताओं को मतदान केंद्र तक नहीं ला सकी।
- चुनाव से पहले भाजपा की नीतियों को लेकर राजपूत समाज मुखर हो गया था। राजपूत समाज की एक समिति की तरफ से नानौता में महाकुंभ बुलाकर आह्वान किया था कि भाजपा को वोट नहीं देंगे। मतदान के दिन राजूपत बाहुल्य क्षेत्रों में इसका असर भी देखने को मिला।
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- बसपा का परंपरागत वोटर गठबंधन की तरफ चला गया।
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पार्टी हाईकमान की तरफ से दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। जो जल्दी ही जिले में आकर सहारनपुर और कैराना लोकसभा सीट पर हार की समीक्षा करेगी।
- डॉ. महेंद्र सिंह सैनी, जिलाध्यक्ष भाजपा
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