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Saharanpur News: नए साल पर पर्यटकों को सौगात, खोला गया एलिवेटेड रोड

Wed, 31 Dec 2025 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड। संवाद
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छुटमलपुर। एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथार्रिटी ऑफ इंडिया) ने नए साल पर पर्यटकों को एलिवेटेड रोड की सौगात दी है। एलिवेटेड को कुछ दिनों के लिए खोल दिया गया है। देहरादून और मसूरी जाने वाले पर्यटक अब एशिया के इस सबसे लंबे वन्य जीव काॅरिडोर पर रफ्तार और रोमांच के सफर का लुत्फ उठाएंगे। 12 किमी लंबे इस एलिवेटेड रोड को 575 पिलरों पर राजाजी राष्ट्रीय पार्क और शिवालिक जंगल के ऊपर बनाया गया है।
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प्रधानमंत्री के ड्रिम प्रोजेक्ट 13000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंतिम खंड में सहारनपुर के गणेशपुर से देहरादून के आसारोड़ी तक एलिवेटेड रोड बनाई गई है। इसके निर्माण में करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एलिवेटेड रोड का निर्माण गत वर्ष अक्तूबर माह में पूरा हो गया था। इस पर डाट काली मंदिर जाने के लिए वायाडक्ट का निर्माण अंतिम चरण में है। अभी इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन नए साल पर इसे वाहनों के लिए खोला गया है। ऐसे में नववर्ष का जश्न मनाने के लिए देहरादून और मसूरी जाने वाले पर्यटकों को इस बार जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।

शिवालिक पहाड़ियों में अक्सर जाम लगने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। पहले जहां यह सफर सामान्य स्थिति में आधा घंटा तथा जाम लगने पर दो से तीन घंटे में पूरा होता था, वहीं अब इसमें केवल 12 मिनट का समय लगेगा। इस पर कार के लिए 100 तथा भारी वाहनों के लिए 80 की रफ्तार तय की गई है। इसमें नीचे राजाजी राष्ट्रीय पार्क और शिवालिक जंगल के नजारे दिखाई देते हैं और ऊपर वाहन फर्राटा भरते हैं। दोनों तरफ प्रकृति के मनोहारी दृश्य हैं जो सफर के रोमांच को बढ़ा देते हैं।
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वन्यजीवाें की सुरक्षा को लगाई विशेष लाइटें और साउंड बैरियर



यह देश का पहला एलिवेटेड रोड है, जिस पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नवाचार किए गए हैं। विशेष लेंस वाली पीली (वार्म) लाइटें लगाई गई हैं। यह लाइटें वाहन चालकों को रोशनी देंगी, लेकिन जानवरों (खासकर उल्लुओं और कीड़ों) को आकर्षित नहीं करेंगी। ऐसे में हादसे का खतरा कम होगा। राजाजी पार्क में इंडियन स्कॉप्स उल्लू, ओरिएंटल स्कॉप्स उल्लू, ब्राउन फिश उल्लू, स्पॉटेड उल्लू और जंगली उल्लू बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके साथ ही बंदरों की सुरक्षा के लिए मंकी लैंडर बनाए जा रहे हैं। ताकि वह आसानी से सड़क के इस पार से उस पार जा सकें। वाहनों के शोर से वन्य जीवों को परेशानी ना हो इसके लिए साउंड बैरियर लगाए गए हैं।

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पुराने दिल्ली-देहरादून मार्ग की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उस पर मरम्मत कार्य चल रहा है। नए साल पर पर्यटकों की भीड़ देखते हुए कुछ दिनों के लिए एलिवेटेड खोल दिया गया है। विधिवत लोकार्पण के बाद ही इसे स्थाई रूप से खोला जाएगा।
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-सौरभ सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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