बेहट। गांव खुर्रमपुर में दस दिन से दो गुलदारों का आतंक है। ग्रामीण खौफ में जी रहे हैं। दिन में यह गुलदार खेतों में छिपे रहते है और रात में आबादी के पास आ जाते हैं। पिछले कुछ दिन में यह तेंदुए गांव के पास बने फार्म में घुसकर सूकर के बच्चों को उठा ले गए। आबादी में रहने वालों आवारा कुत्तों पर भी यह हमला कर मौत के घाट उतार चुके हैं।
खुर्रमपुर निवासी सोनू कुमार ने बताया कि उसका गांव की आबादी से कुछ दूर सूकर फार्म है। कई दिन से उसके फार्म से सूकर के बच्चे कम हो रहे थे। 10 सूकर के बच्चे फार्म से गायब हो गए थे। इस पर उसने फार्म पर सीसी टीवी कैमरे लगवाए। कैमरों में तेंदुआ फार्म में घुसकर बच्चे को उठाकर ले जाते दिखाई दिया। दूसरा तेंदुआ ग्रामीणों ने काली मंदिर के पास स्थित सिला के पीछे जंगल में देखा। डर के मारे ग्रामीणों ने रात के समय खेतों में सिंचाई व अन्य कार्य करने जाने छोड़ दिया। दिन में भी ग्रामीण इकट्ठे होकर खेतों में जा रहे हैं।
सोनू ने बताया, कि उनकी सूचना पर चार दिन पहले वन विभाग की टीम ने जंगल में पिंजरा लगवाया था, जिसमें कुत्ता बांधा गया है, लेकिन तेंदुए पिंजरे तक नहीं पहुंचे। एक पिंजरा उसने अपने फार्म पर भी बनवाकर लगाया था। मंगलवार की रात एक तेंदुआ उसमें फंस गया था, लेकिन उसे मुश्किल से चार इंच की जगह मिल गई। इतना खतरनाक जानवर है, कि इतनी छोटी जगह में ही अपने शरीर पतला कर निकल गया।
आवारा कुत्तों को बनाया निवाला
तेंदुओं ने गांव की आबादी में रहने वाले आवारा कुत्तों का पूरी तरह सफाया कर दिया। ग्रामीणों ने बताया, कि 10 से 15 कुत्तों को तेंदुओं ने मार डाला और जो बचे थे वह भाग गए हैं।
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तेंदुओं को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरे लगाए हैं। वनकर्मियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। जंगल में पदचिन्हों से तेंदुओं की तलाश कर उनकी मूवमेंट का पता लगाया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
सचिन कुमार, रेंजर शाकंभरी देवी वन रेंज