सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी सुमिता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रासंजेंडर समुदाय को संवैधानिक मान्यता दी है। उन्हें भी मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। इसलिए उनके प्रति लोगों के नजरिये में बदलाव जरूरी है।
मोहल्ला तकिया स्थित जया इंटर कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित जागरूकता शिविर में उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने नालसा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के विधिक निर्णय में ट्रासंजेंडर समुदाय को थर्ड जेंडर के रूप में संवैधानिक मान्यता दी। उन्होंने कहा कि समाज के नजरिये में बदलाव के लिए पहल स्वयं ट्रासंजेंडर समुदाय को करनी होगी। उन्हें स्वावलंबी होने के लिए शुरूआत करनी होगी। इस दौरान डूडा के परियोजना अधिकारी अनुज प्रताप सिंह, प्रबंधक संतोष कुमार और जिला प्रबंधक राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन दलगंजन सिंह ने कहा कि ट्रासंजेंडर को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।