देवबंद (सहारनपुर)। मुसलमानों की आस्था के केंद्र दारुल उलूम वक्फ के नवनियुक्त सदर मुफ्ती (मुफ्तियों के अध्यक्ष) मौलाना मुफ्ती फुजैलुर्रहमान हिलाल उस्मानी ने कहा कि फतवे मजाक का पात्र न बनें इसलिए बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही फतवे जारी किए जाएंगे।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला से बातचीत में पंजाब के पूर्व मुफ्ती-ए-आजम मौलाना फुजैलर्रहमान ने कहा कि फतवों की अहमियत को बरकरार रखने के लिए कई अहम फैसले लेने की जरूरत है। ताकि जारी होने वाले फतवे मजाक न बनाए जा सके। इसलिए विषम परिस्थितियों में ही फतवा जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तलाक और निकाह जैसे नाजुक मसलों पर शौहर और बीवी के पक्ष को सुनने के बाद ही फतवा जारी किए जाने की दिशा में निर्णय लिया जाएगा। किसी भी हालात में जारी किए जाने वाले फतवे में वर्तमान हालात और नये जमाने की हकीकत को ध्यान में रखकर ही शरीयत में क्या हुक्म दिया गया है उससे रूबरू कराया जाएगा। जिससे फतवों को मजाक का पात्र बनने से बचाया जा सके।
मुफ्ती फुजैलुर्रहमान ने कहा कि देखने में आया है कि निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए दारुल उलूम से फतवे लेकर उनका अवैध इस्तेमाल किया जा रहा है। इसलिए फतवों का गलत इस्तेमाल न हो इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि पंजाब सरकार की ओर से मुफ्ती-ए-पंजाब रह चुके मुफ्ती फुजैलुर्रहमान कासमी को चार अगस्त को दारुल उलूम वक्फ का सदर मुफ्ती नियुक्त किया गया है। संस्था के मोहतमिम मौलाना सालिम कासमी की ओर से जारी नियुक्त पत्र में मुफ्ती फुजैलुर्रहमान से 12 अगस्त तक पद्भार ग्रहण करने को कहा गया है।