सहारनपुर। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी आरएस दुहन के दोतरफा आदेशों के बाद फिर सुर्खियों में आए शास्त्री नगर पार्क को लेकर प्रशासन ने अब तल्ख रुख अपना लिया है। इस पार्क पर कब्जा करने वाले छिपे चेहरों की भी तलाश की जा रही है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश के साथ ही भूमाफिया की सूची में इनका नाम डालने की भी तैयारी की जा रही है। इसके अलावा इस पूरे प्रकरण में पार्क पर कब्जे का शह देने वाले अफसरों की भी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में भी पार्क की सच्चाई सामने आ चुकी है।
शास्त्री नगर में एक जमीन को लेकर करीब डेढ़ साल पहले विवाद शुरू हुआ था। स्थानीय लोग इस जमीन को नगर निगम का पार्क बताते हुए कब्जे का विरोध किया था। मगर, यहां तैनात एक पुलिस अधिकारी की शह पर कुछ लोगों ने इस जमीन पर चारदीवारी खड़ी कर दी थी। करीब छह महीने पहले इस कब्जे के खिलाफ तत्कालीन डीएम अजय कुमार सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी थी। इसमें साफ तौर पर पाया गया कि शास्त्री नगर कालोनी टाउन प्लानर लखनऊ से स्वीकृत है। नगर निगम की सूची में भी शास्त्री नगर हकीकत नगर से मिलते हुए दो पार्क संख्या- 89 और 90 है। पार्क संख्या 89 पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर नगर आयुक्त डा. नीरज शुक्ला और सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सचिव आरएस दुहन( दुहन एडीएमएफ थे, उन पर एसडीए सचिव का अतिरिक्त प्रभार था) से सात दिन के भीतर आख्या मांगी थी। दुहन ने 20 दिसंबर, 13 को अपनी रिपोर्ट एडीएमई को सौंपी थी। जिसमें पार्क माना गया था। इस पूरे मामले में मंडलायुक्त ने भी जिलाधिकारी को पूरे मामले की जांच कर पार्क को कब्जा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कर भूमाफिया की सूची में शामिल करने और सख्त कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। इस पूरे प्रकरण में शामिल अफसरों की भी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।