सहारनपुर। सपा प्रमुख और मुख्यमंत्री की 11 फरवरी की प्रस्तावित रैली से जमीयत उलेमा-ए-हिंद की दूरी के चलते अब उन्हें रिझाने की कवायद की जा रही है। जमीयत को रिझाने के लिए रैली की जगह बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन समारोह और सपा की रैली दोनों अलग-अलग कार्यक्रम हो जाएंगे। मेडिकल कॉलेज परिसर में केवल जमीयत उलेमा-ए-हिंद के होर्डिंग्स लगाने के भी निर्देश सीधे लखनऊ से आए हैं। ऐसे में अब सपा की देश बचाओ-देश बनाओ रैली के लिए मेडिकल कॉलेज के सामने के मैदान के बजाय दूसरी जगह तलाशी जा रही है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के संस्थापक सदस्य शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन के नाम पर तैयार हो रहे मेडिकल कॉलेज का 11 फरवरी को उद्घाटन प्रस्तावित है। जमीयत के अध्यक्ष अरशद मदनी की पहल पर ही मुख्यमंत्री ने इसके उद्घाटन की घोषणा की थी। इससे पहले कॉलेज का नाम बदलवाने में भी इनकी अहम भूमिका रही। उद्घाटन के बाद जमीयत मुख्यमंत्री का स्वागत जलसा करने की तैयारी में थी, मगर उद्घाटन के बाद सपा ने देश बचाओ-देश बनाओ रैली का ऐलान कर दिया। इससे जमीयत ने उद्घाटन के बाद वाली रैली से किनारा कर लिया था।
बता दें कि पहले सपा प्रमुख और मुख्यमंत्री की सभा जमीयत के बैनर पर होनी तय थी, मगर पार्टी लोकसभा चुनाव की आहट को देखते हुए उद्घाटन कार्यक्रम को बड़े स्तर पर भुनाना चाहती है। राजनीतिक रैली को देखते हुए जमीयत ने इससे पूरी तरह किनारा कर लिया। ऐसे में मुस्लिम वोट बैंक में किसी तरह के गलत संदेश से बचने के लिए अब सपा उद्घाटन और रैली को अलग-अलग कार्यक्रम के रूप में करना चाहती है। मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के बाद सामने ही मैदान में रैली प्रस्तावित है। अब रैली के लिए मेडिकल कॉलेज से काफी दूर जगह खोजी जा रही है। मंगलवार दिन में डीएम अजय कुमार सिंह के साथ प्रशासनिक अमले ने जनता रोड पर महाराज सिंह कॉलेज के ग्राउंड का निरीक्षण भी किया। इस मैदान पर पहले भी मुख्यमंत्री के रूप में मुलायम सिंह यादव ने कन्या विद्या धन का चेक वितरित किए थे। यह मेडिकल कॉलेज से अलग दिशा में करीब दस किलोमीटर दूर भी है।