सहारनपुर। बार-बार की चेतावनियों का भी कोई असर न होता देख गुरुवार को खुद सपा के जिला और महानगर अध्यक्ष को घंटाघर चौराहे पर खड़े होकर अनाधिकृत तरीके से गाड़ियों पर लगाए गए पार्टी के झंडे उतरवाने पड़े। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि दोबारा झंडे लगाए गए तो संबंधित वाहन को सीज कराया जाएगा।
प्रदेश में सपा की सरकार बनते ही गाड़ियों पर पार्टी के झंडे लगाने की होड़ सी मच गई थी। पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सख्त रुख अपनाने के बाद जिला स्तर पर भी इस संबंध में हिदायद दी गई, लेकिन गाड़ियों पर झंडे कम नहीं हुए। इतना ही नहीं पार्टी नेताओं के साथ खुद के फोटो लगे होर्डिंग लगवाने की भी लोगों में होड़ छिड़ी। सपा जिलाध्यक्ष राज सिंह माजरा, जिला प्रवक्ता आलोक तनेजा तथा महानगर अध्यक्ष फैजानुर्रहमान पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को घंटाघर पहुंचे और गाड़ियों पर अनाधिकृत तरीके से लगाए गए पार्टी के झंडों को उतरवाया। उन्होंने वाहन स्वामियों को चेतावनी दी कि भविष्य में पार्टी के झंडे का प्रयोग न करें, वरना उनके वाहनों को सीज करा दिया जाएगा।
जिस तरह जिला और महानगर अध्यक्ष को खुद झंड़े उतरवाने की कार्रवाई करनी पड़ रही है। उससे साफ है कि कार्यकर्ता यहां तक कि झंडा नहीं लगवाने की श्रेणी में आने वाले पदाधिकारी भी आदेशों की खुली अनदेखी कर अनुशासनहीनता कर रहे हैं। अभियान में पूर्व महानगर अध्यक्ष फैसल सलमानी, नासिर कमाल, सैय्यद आफताब, सतविंद्र सिंह, योगेश शर्मा, जावेद अंसारी आदि शामिल रहे।