सहारनपुर। पदोन्नति आरक्षण को लेकर चल रहे कर्मचारी आंदोलन ने बुधवार को उग्र रूप धारण कर लिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने भाजपा कार्यालय पर हंगामा करते हुए जमकर तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं बसपा सांसद और भाजपा नगर विधायक के आवासों पर प्रदर्शन करते हुए नेम प्लेट पर कालिख भी पोती।
आंदोलित कर्मचारी रोजाना की तरह हकीकतनगर धरनास्थल पर इकट्ठा हुए। यहां से कर्मचारियों का जत्था वाहनों पर सवार होकर दुपहर करीब दो बजे नारेबाजी करते हुए चकरोता रोड स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचा और वहां भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ शुरूकर दी। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का फर्नीचर, कंप्यूटर उठाकर पटक दिए तथा दीवारों पर लगे पोस्टर, बैनर, चित्र आदि फाड़ डाले।
इसके बाद शाम करीब चार बजे प्रदर्शनकारी कर्मचारी जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए अहमद बाग स्थित बसपा सांसद जगदीश राणा के आवास पहुंचे और नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। पदोन्नति आरक्षण बिल को समर्थन देने से क्षुब्ध कर्मचारियों ने आवास के बाहर लगी सांसद की नेम प्लेट पर कालिख पोत डाली। यहां से कर्मचारियों का जुलूस नारेबाजी करते हुए दिल्ली रोड स्थित भाजपा नगर विधायक राघव लखनपाल शर्मा के आवास पर पहुंचा और यहां भी जमकर नारेबाजी करते हुए नेम प्लेट पर कालिख पोतकर गुस्से का इजहार किया।
उधर आंदोलित कर्मचारियों ने विकास भवन समेत सभी सरकारी दफ्तरों में तालाबंदी कर दिल्ली रोड तथा कलक्ट्रेट तिराहे पर जाम लगाकर कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस का प्रतीक पुतला फूंका। आंदोलित कर्मचारी हकीकतनगर धरना स्थल से अलग-अलग जत्थों के रुप में रवाना हुए और खुले हुए सरकारी कार्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की। प्रदर्शनकारियों ने विकास भवन में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद करीब दस मिनट दिल्ली हाइवे पर जाम लगाकर नारेबाजी की। धरनास्थल पर समिति के संयोजक योगेश कौशिक, सिंचाई विभाग के तरुण प्रकाश, इंजीनियर एस के गर्ग ने कहा कि यदि इस काले बिल को लोकसभा में पारित करने की चेष्टा की गई तो राज्य कर्मचारी और अधिकारी पूर्णकालिक हड़ताल पर चले जाएंगे। सरकार ने हिंदू समाज को जातिवाद में बांटने का घिनौना काम किया है। धरने पर संदीप चौधरी, नीरज भटनागर, नरेश सैनी, छात्र संघ अध्यक्ष अंबुल चौधरी, विपिन चौधरी, रामपाल वर्मा, हरीश बंसल, अर्जुन सिंह, वीर सिंह, नरेंद्र शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। बाद में कलक्ट्रेट तिराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर कांग्रेस, बसपा और भाजपा का प्रतीक पुतला फूंका।
भाजपा की पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर, शिव सेना जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिरोही, परशुराम सभा, गुर्जर जागृति सेवा संस्थान तथा छात्र सभा ने धरनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारी आंदोलन को समर्थन दिया। शशिबाला पुंडीर ने कहा कि पदोन्नति आरक्षण पर पार्टी का रुख कुछ भी हो, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर आंदोलन को समर्थन किया है।