सहारनपुर। कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों की प्रशासन ने सूची तैयार कर ली है। अब इनको रोजगार दिलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिले में अब तक 9973 प्रवासी श्रमिक चिह्नित किए गए हैं। इनमें प्रवासी निर्माण श्रमिकों की संख्या 1038 है।
कोविड-19 के प्रकोप के चलते देश भर में लॉकडाउन लगा दिया गया था। जिससे उद्योगों के साथ ही अन्य प्रतिष्ठानों को भी बंद हो गए थे। इसके चलते बेरोजगार हुए श्रमिकों ने अपने घरों के लिए पलायन किया था। यहां पर 9973 प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्यों से आए। श्रम सहित अन्य कई विभागों ने इनकी लिस्ट तैयार की है। प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए जिला उद्योग केंद्र ने उद्यमियों के संगठनों को पत्र लिखकर पूछा है कि उन्हें कितने और किस ट्रेड के श्रमिक चाहिए। जिससे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। वरिष्ठ श्रम प्रवर्तन अधिकारी एनके चौधरी और उप श्रमायुक्त शक्तिसेन मौर्य ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों में से 18 वर्ष की आयु से कम वाले 1042 किशोर हैं, जबकि निर्माण श्रमिकों की संख्या 1038 है। जब ये श्रमिक जिले में 90 दिन कार्य कर लेंगे तक इनका पंजीयन निर्माण श्रमिक के तौर पर किया जा सकता है। जिससे उन्हें निर्माण श्रमिकों के लिए जारी सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। उद्योग उपायुक्त सिद्धार्थ यादव ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। उद्यमियों से उनकी डिमांड मांगी गई है।