फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी के शहीदों का भावपूर्ण स्मरण किया

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की 162 वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को पंसारी बाजार स्थित शहीद स्मारक पर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और छात्र छात्राओं ने शहीदों का भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने आजादी की लड़ाई में जनपद के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
विज्ञापन

शुक्रवार को पंसारी बाजार स्थित शहीद स्मारक पर लोगों ने देश के शहीदों की जय, शहीद भगत सिंह अमर रहे, आजादी के दीवाने अमर रहे, स्वतंत्रता सेनानी ललता प्रसाद अख्तर अमर रहे आदि के गगनभेदी नारे लगाए। साथ ही शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री ललता-पन्ना स्वतंत्रता सेनानी स्मारक समिति द्वारा शहीद स्मारक पर स्वतंत्रता सेनानी ललता प्रसाद अख्तर के पुत्र और मुख्य संयोजक श्यामलाल बंसल के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद पुलिस गारद द्वारा शहीदों को सशस्त्र सलामी दी गई। पद्मश्री भारत भूषण, शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह के भतीेजे किरणजीत सिंह संधू, पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल एवं वीरेंद्र ठाकुर, साहित्यकार डॉक्टर वीरेंद्र आजम और महेंद्र सचदेवा ने सहारनपुर का आजादी के आंदोलन में योगदान, स्वतंत्रता सेनानी ललताप्रसाद अख्तर की आंदोलन में भूमिका, शहीद भगत सिंह का सहारनपुर से रिश्ता, क्रांतिकारियों की सहारनपुर में पकड़ी गई बम फैक्ट्री तथा शहीद स्मारक स्थित पीपल के पेड़ पर क्रांतिकारियों को दी गई फांसी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि आजादी के दीवानों ने जिस स्वतंत्रता को अपनी जान कुर्बान कर हासिल किया है, उसकी एकता अखंडता को बनाए रखना हम सबका पहला कर्तव्य है। मनीष कालड़ा, जयनाथ शर्मा, मुकेश शर्मा, वासुदेव शर्मा निर्मोही, हाजी सगीर अहमद, विनय जिंदल, अशोक गांधी, डॉक्टर पन्नालाल शर्मा, कुलभूषण जैन, जैन इंटर कॉलेज एवं जेबीएस कॉलेज के छात्र छात्राएं और शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
गुर्जर महासभा ने आजादी के नायकों को याद किया
सहारनपुर। अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा की ओर से आयोजित बैठक में 1857 में हुई आजादी की प्रथम लड़ाई के नायकों को याद किया गया। उन्होंने कहा कि देश की प्रथम क्रांति के विफल होने का खामियाजा गुर्जर समाज को भुगतना पड़ा।
विज्ञापन

शुक्रवार को पंजाबी बाग स्थित एक सभागार में आयोजित बैठक में महासभा के राष्ट्रीय महासचिव लोकेश गुर्जर और भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष सुधीर पंवार ने कहा कि 1857 को हुई प्रथम क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर थे। उन्होंने कहा कि धन सिंह कोतवाल ने 10 मई की रात को मेरठ कारागार पर हमला करके सारे कैदियों को छुड़ा लिया था और 11 मई को दिल्ली के लाल किला पर झंडा फहरा दिया था। प्रवीण राठौर, पार्षद भगत सिंह, सुनील पंवार, मदनपाल प्रधान, अरविंद चौधरी, हिमांशु अलीपुरा आदि ने भी विचार रखे। लोकेश चौधरी, देवेंद्र चौधरी, योगेश पंवार, विकास चौधरी, अमर सिंह, संदीप चौधरी, अमित चौधरी, महिपाल सिंह, मनोज, मुकेश, अजय, संजय, मनोज प्रधान अहमदपुर, राजकुमार खेड़ी, दिनेश खटाना, परमिल चौधरी, बाबूराम चौधरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें