गंगोह। उत्तर प्रदेश राशन विक्रेता संघर्ष समिति ने डोर स्टेप डिलीवरी और तीस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय सहित विभिन्न मांगें न माने जाने पर फरवरी माह के खाद्यान्न का उठान एवं वितरण ना करने की चेतावनी दी है। खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर मांगे माने जाने का अनुरोध किया गया है।
आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन के जिलाध्यक्ष जसबीर चौधरी ने बताया कि उक्त निर्णय लखनऊ में आहूत धरना-प्रदर्शन के उपरांत आयोजित बैठक में प्रदेश स्तरीय नेताओं के आह्वान पर लिया गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को भेजे गए ज्ञापन में डोर स्टेप डिलीवरी दिए जाने, 200 रुपये प्रति कुंतल लाभांश दिए जाने, अनावश्यक विभागीय उत्पीड़न से निजात दिलाने, राशन की दुकानों पर जीएसटी मुक्त अन्य वस्तुओं की बिक्री कराने एवं 2001 से लंबित खाद्यान्न भाड़ा दिलाए जाने एवं मृतक आश्रित व्यवस्था को बहाल रखने की मांग की गई है। इसके साथ ही राशन घोटाले में निर्दोषों का उत्पीड़न ना कर जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है। जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह ने यह भी बताया कि हड़ताल की सफलता के लिए रविवार से जिले के तमाम विक्रेताओं से संपर्क किया जाएगा।