सहारनपुर। मोहंड की पहाड़ियाें के पास दून हाईवे पर 13 किलोमीटर के क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता है। जिससे कई बार आपात स्थिति में भी सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं हो पाता है। डीआईजी शरद सचान ने नए सिरे से इस क्षेत्र में संचार की सुविधा बढ़ाने की पहल शुरू की है। उन्होंने जिलाधिकारी समेत वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर मोबाइल कंपनियों को टावर की अनुमति दिए जाने की वकालत की है।
देहरादून से लगी मोहंड की पहाड़ियों में करीब 13 किलोमीटर के हिस्सा ऐेसा है, जहां मोबाइल फोन की सुविधा नहीं है। पहाड़ियों में प्रवेश होते ही मोबाइल की सिग्नल चले जाते है। बरसों से हर अनहोनी के बाद यह मांग उठती रही है, मगर संचार की सुविधा नहीं मिल पाई। दरअसल पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में पुलिस और 108 को सूचना देने में काफी दिक्कत होती है। खासतौर से बारिश के दिनो में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। डीआईजी शरद सचान ने जिलाधिकारी और शासन के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि सहारनपुर जिले की सीमा की इन पहाड़ियों में संचार की सुविधा नहीं है। ऐसे में किसी तरह की अनहोनी होने की स्थिति में पुलिस को सूचना काफी देर से मिलती है। दूसरा दुुर्घटना में घायलों को उपचार मिलने में देरी होती है। 13 किलोमीटर तक संचार की कोई सुविधा नहीं है। पुलिस के वायरलेस से ही सूचनाओं का आदान-प्रदान का एक ही माध्यम है। डीआईजी ने पत्र में लिखा है कि दून हाईवे पर रोज लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि वन विभाग के अधिकारियों से बात कर मोबाइल कंपनियों को इस क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाए जाने की अनुमति दी जाए।
हादसों की भी देर से मिलती है सूचना
जून माह में दिल्ली की एक कार संतुलन बिगड़ने के कारण खाई में गिर गई थी। कार सवार दो लोग घायल हो गए थे। एक वाहन चालक ने मोहंड पुलिस चौकी पर पहुंचकर इसकी जानकारी दी थी, तब जाकर 108 बुलाकर दोनों को दून अस्पताल भेजा गया था। जहां पर उपचार में देरी होने के कारण एक की मौत हो गई थी। 17 अगस्त को चंडीगढ़ के एक परिवार को कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। मोबाइल न चलने के कारण टक्कर मारने वाले ट्रक भाग गया था। मोबाइल न मिलने के कारण घायल परिवार ने खुद ही अस्पताल पहुंचकर अपना उपचार कराया था। जब तक पुलिस को सूचना दी कि चालक ट्रक लेकर पहाड़ियों को पार कर चुका था। इन पहाड़ियों में जाम लगना तो रोजमर्रा का काम हो गया था। भूस्खलन होने से रास्ता बंद हो जाता है, जब तक पुलिस पहुंचती है, तब तक वहां कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, क्योंकि मोहंड पहाड़ी के प्रवेश के बाद डांट काली मंदिर पर पुलिस की अस्थाई पुलिस चौकी है। ऐसे में वाहन चालकों द्वारा ही चौकी पहुंचकर ही पुलिस को सूचनाएं दी जाती है।