सहारनपुर। भीम आर्मी की आखिरकार चुनावी महत्वाकांक्षा ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण से मिलकर आने के बाद जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कैराना लोकसभा उपचुनाव में भीम आर्मी की ओर से अपील भी जारी कर दी है।
भीम आर्मी अब तक राजनीतिक गतिविधियों से अपने आपको कोसों दूर बताती रही। भीम आर्मी के पदाधिकारी भीम आर्मी को सिर्फ सामाजिक संगठन होने का दावा करते रहे, लेकिन उनकी तैयारियों को लेकर काफी समय से उनकी चुनावी महत्वाकांक्षा पनपती दिखाई दे रही थी, लेकिन रावण के जेल में होने के चलते भीम आर्मी कोई भी निर्णय खुलकर नहीं ले पा रही थी। बृहस्पतिवार की शाम को जिलाध्यक्ष कमल वालिया इस गफलत को दूर करने के लिए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण से मिलने के लिए जिला कारागार पहुंचे। रावण से मुलाकात के बाद जेल से बाहर आकर उन्होंने भीम आर्मी द्वारा चुनावी सक्रियता का एलान कर दिया। जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने बताया कि चंद्रशेखर उर्फ रावण से बिना मिले वह किसी प्रकार का संदेश नहीं देना चाहते थे। अब चंद्रशेखर के निर्देश के बाद उन्होंने भीम आर्मी की ओर से गठबंधन प्रत्याशी को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
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--। जेल से बाहर आए राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन
सहारनपुर। एक माह जेल में रहने के बाद बृहस्पतिवार को भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन जमानत पर जेल से बाहर आ गए।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सहारनपुर हिंसा के आरोपी विनय रतन ने अपने घर कुर्की का नोटिस चस्पा होने के बाद एलान करके 23 अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर किया था। कोर्ट ने विनय रतन को जेल भेज दिया था। 17 मई को कोर्ट ने विनय रतन को जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को विनस रतन जेल से रिहा हो गए।
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