सहारनपुर। किसानों के कर्ज माफी के लिए चलाई गई ऋण मोचन योजना परेशानी का सबब बन गई है। किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। 15 हजार शिकायतें लंबित पड़ी हैं, जिनका कृषि विभाग को तीन दिन में निस्तारण करना है।
प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष जुलाई माह में किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ किए जाने की घोषणा की थी। जिले में 1.49 लाख किसानों ने कर्जा माफी के लिए आवेदन किया था। बैंकों और तहसीलों से रिपोर्ट लगने के बाद 50 हजार पात्र किसानों का कर्जा माफ हो चुका है, जो पात्र नहीं थे, उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। मगर, बड़ी संख्या में किसानों ने खुद को पात्र बताते हुए पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जनपद के 15 हजार किसानों की शिकायतें लंबित हैं, जिनका कृषि विभाग को 31 मार्च से पहले निपटारा करना है। कर्मचारियों के दिन-रात काम करने के बावजूद किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है।
परेशान किसान काट रहे चक्कर
सहारनपुर। रामपुर मनिहारान ब्लॉक के गांव उमरी कला निवासी राय सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने भाई तेजपाल के कर्ज माफी के लिए पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। मगर, समस्या का समाधान नहीं हो सका। कई बार वह कृषि विभाग के चक्कर लगा चुके हैं। इसी तरह किसान ब्रहमपाल ने भी ऋण मोचन योजना के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। उसका कहना है कि बैंक अधिकारी कृषि विभाग में भेज देते हैं। यहां से अधिकारी बैंक भेज देते हैं। मगर, उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
पोर्टल नहीं कर रहा सही काम
सहारनपुर। किसानों ने पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई हैं। 31 मार्च तक पूरे प्रदेश के किसानों की शिकायतों का निस्तारण होना है। इन दिनों भार अधिक होने के कारण पोर्टल सही काम नहीं कर रहा है, जिससे कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत आ रही है।
जिले के 15 हजार 700 किसानों की शिकायतें पोर्टल पर पड़ी हैं, जिनका निस्तारण किया जा रहा है। दो दिन के अंदर वह सभी शिकायतों को निस्तारण करा देंगे।-
- राम जतन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी