साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। गन्ना किसानों ने बंद पड़ी शुगर मिल को चलाये जाने की मांग करते हुए मिल गेट पर अपने गन्ने को आग के हवाले कर दिया। आक्रोशित गन्ना किसानों का कहना है कि यदि मिल को चालू नहीं किया जाता तो वे अपने खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को जलाने के लिए मजबूर होेंगे।
शुक्रवार को क्षेत्र के शाकंभरी शुगर मिल पर गन्ना किसानों ने अपने गन्ने को जलाते हुए चेताया कि बंद पड़ी चीनी मिल को शासन के आदेश के बावजूद भी मिल प्रबंधन नहीं चला रहा है। इससे क्षेत्र के गन्ना किसानों की अपनी गन्ने की फसल को लेकर को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में गन्ने की अच्छी खासी पैदावार है। ऐसे में क्रय केंद्रों के भरोसे गन्ने के खेत खाली नहीं हो सकते। ऐसे में न ही किसान समय से अपनी गेहूं की फसल की बुआई कर सकेगा। वर्तमान सत्र में मिल चालू कराये जाने के आश्वासन पर ही क्षेत्र में किसानों ने गन्ने की फसल को प्राथमिकता पर उपजाया है। किसानों का मानना है कि मिल बंदी से क्षेत्र के हजारों किसान एवं मजदूर भुखमरी के कगार पर है।
गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन ताहिर हसन, हाजी नूरहसन, इरशाद प्रधान, योगेंद्र सिंह, अवनीश कांबोज, रणजीत सिंह, राजेश पंवार, समय सिंह, वेदपाल सिंह, बुद्धसिंह, जयपाल सिंह, जसवीर सैनी, जुल्फानम, इकबाल आदि गन्ना किसानों का कहना है कि किसान मिल बंदी से परेशान होकर अपने गन्ने को कोल्हुओं पर औने-पौने दामों पर लुटाने को बाध्य हो रहे है। जिससे फसल की लागत की भी भरपाई नही हो पा रही है। मिल क्षेत्र में इस बार लगभग 50 से 60 लाख कुंतल गन्ने की पैदावार की संभावना जताई जा रही है। किसानों ने जल्द ही मिल चालू कराए जाने की मांग की है।