सहारनपुर। ई वे बिल को दोबारा प्रयोग कर होने वाली टैक्स चोरी को रोकने के लिए शुरू आरएफआईडी व्यवस्था के तहत मंडल में 5360 वाहनों पर टैग लग चुके हैं। वाणिज्यकर विभाग ने मंडल में पांच स्थानों पर टावर लगाए हैं। इससे मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर विभाग की पैनी नजर रहेगी। यह व्यवस्था एक नवंबर से लागू की गई है।
ई वे बिल को दोबारा प्रयोग कर टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए वाणिज्यकर विभाग ने रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटी फिकेशन डिवाइस की व्यवस्था को एक नवंबर से लागू किया है। इसके तहत एक ई वे बिल पर दोबारा माल लाने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। इस व्यवस्था में मंडल के पांच स्थानों पर टावर लगाए गए हैं। जो वहां से गुजरने वाले टैग लगे वाहनों की आवाजाही को रिकार्ड करेंगे। इससे विभाग को पता चल सकेगा कि टैग लगा वाहन किस किस समय वहां से गुजरा है। इसकी सूचना ई बे बिल पोर्टल पर रिकार्ड हो जाएगी।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 विनय अस्थाना ने बताया कि प्रथम चरण में यह व्यवस्था प्रदेश के बार्डर पर शुरू की गई है। एक नवंबर से शुरू हुई इस योजना के तहत 5360 मालवाहक वाहनों पर टैग लगाए जा चुके हैं। इनमें मुजफ्फरनगर में 2069, शाहजहांपुर में 1203, बड़कला में 412, कैराना में 829 और हरिनगर में 847 टैग लगाए गए हैं।
यहां लगे हैं टावर
सहारनपुर। टैग को रीड करने के लिए मंडल में पांच स्थानों पर टॉवर लगाए गए हैं। इनमें सहारनपुर के बडकला एवं शाहजहांपुर, शामली के हरिनगर एवं कैराना और मुजफ्फरनगर के भूराहेड़ी चैक पोस्ट शामिल हैं। इन स्थानों पर मालवाहक वाहनों पर टैग लगाने का काम भी चल रहा है।