सहारनपुर। नगर निगम को शहर को रोशन करने के लिए गलियों एवं सड़कों पर लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों के एक-एक बल्ब द्वारा खर्च की जा रही जली का हिसाब देना होगा और उसका भुगतान करना होगा। विद्युत निगम ने नगर निगम से शहर की लाइटों का हिसाब मांगा है, साथ ही सभी प्वाइंटों पर मीटर लगाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
नगर निगम अभी तक शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों का लगभग ढाई दशक पुरानी गणना से ही अनुमानित बिजली के बिल का ही भुगतान करता चला आ रहा था। जबकि अब तक स्ट्रीट लाइटों की संख्या कई गुनी हो चुकी है। यही नहीं विद्युत निगम ने कई बार नगर निगम से स्ट्रीट लाइटों की संख्या भी मांगी। लेकिन नगर निगम कोई भी आंकड़ा विद्युत निगम को नहीं दे सका। यही नहीं कई बार तो लाइटें दिन भर भी जलती रहतीं थीं। जिससे बिजली अंधाधुंध फूंकी जा रही थी। इस स्थिति को देखते हुए विद्युत निगम ने शहर भर की स्ट्रीट लाइटों की गणना कराने की बजाय उन पर मीटर लगाने का निर्णय लिया। इस मामले में विद्युत निगम के अधिकारियों ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्ट्रीट लाइट की सप्लाई के प्रमुख प्वाइंटों की जानकारी ली। हर प्वाइंट पर टेपिंग कर मीटर लगाए जाएंगे। हर मीटर की रीडिंग के अनुसार नगर निगम को बिल भेजा जाएगा। यही नहीं अब तक की स्ट्रीट लाइटों की गणना भी मांगी गई है, जिससे उनका अलग से बिल बनाकर नगर निगम को दिया जा सके। अधीक्षण अभियंता रविंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि अभी तक नगर निगम ने स्ट्रीट लाइटों के बारे में कोई आंकड़ा अपडेट नहीं किया था। जिस पर विद्युत निगम ने स्ट्रीट लाइटों पर मीटर लगाने का निर्णय लिया है। सभी सप्लाई प्वाइंटों पर मीटर लगाए जा रहे हैं।