सहारनपुर। एसडी कन्या इंटर कॉलेज में शुरू हुआ विवाद और गहराता जा रहा है। रात में किसी ने प्रधानाचार्य के दफ्तर पर लगे ताले खोलकर दफ्तर में रखे दस्तावेजों को गायब करने का प्रयास किया, मगर एक ताला नहीं खुलने की वजह से ताले खोलने वाला दफ्तर में एंट्री नहीं कर सका। इतना ही नहीं, कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पहले से अलॉट एनसीसी कक्ष पर भी किसी ने ताला जड़ दिया है। इस तमाम घटनाक्रम का असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
एसडी कन्या इंटर कालेज में छात्राओं से अवैध वसूली के आरोप में सरिता शर्मा को 23 अप्रैल को निलंबित किया गया था। साथ ही चंद्रा सिंह को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया था। चंद्रा सिंह का आरोप है कि निलंबन के दिन ही सरिता शर्मा ने प्रधानाचार्य के दफ्तर पर ताले जड़ दिए। जबकि सरिता शर्मा का आरोप है कि प्रधानाचार्य कक्ष पर चंद्रा सिंह ने ताले जड़े हैं। शुक्रवार की दोपहर तक यही स्थिति बनी हुई थी। मगर शुक्रवार की रात किसी समय किसी ने कॉलेज में घुसकर प्रधानाचार्य कक्ष पर लगे ताड़े खोल दिए। माना जा रहा है कि किसी ने रात में प्रधानाचार्य कक्ष में घुसकर जरूरी दस्तावेजों को गायब करने की कोशिश की। मगर एक ताला नहीं खुलने की वजह से ताले खोलने वाला व्यक्ति अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। ताले खोले जाने का पता शनिवार की सुबह उस समय चला, जब कार्यवाहक प्रधानाचार्य चंद्रा सिंह और अन्य शिक्षिकाएं कॉलेज पहुंचीं। शिक्षिकाओं का आरोप है कि कॉलेज में जो भी चल रहा है उसके लिए विभागीय अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। यदि अधिकारी निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करें तो काफी चीजें सुधर सकती हैं।
कॉलेज में जो भी चल रहा है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षिकाओं की गलत कार्यप्रणाली और आपसी राजनीति का छात्राओं पर बुरा असर पड़ रहा है। मैंने जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय को पत्र लिखा है, जिसमें अधिकारी को कॉलेज का निरीक्षण कर हकीकत से रूबरू होने का अनुरोध किया गया है।
- सर्वेश्वरनाथ भास्कर, मैनेजर, एसडी कन्या इंटर कॉलेज।