सहारनपुर। किसानों को आलू की उचित दाम दिलाने के लिए शुरू की गई सरकार की आलू खरीद योजना जनपद में परवान नहीं चढ़ सकी है। क्योंकि किसानों को बाजार में भी सरकारी मूल्य के बराबर ही आलू का भाव मिल रहा है। सरकारी खरीद योजना में आलू का रेट 548 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि मंडी में भी लगभग इसके बराबर ही भाव चल रहा है। इसके चलते किसान सरकारी क्रय केंद्रों की बजाए मंडी में ही आलू बेचने को प्राथमिकता दे रहा है।
गत वर्ष बाजार में आलू की हुई दुर्गति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसान बाजार हस्तक्षेप योजना शुरू की है। इसका मकसद किसानों को आलू का उचित मूल्य दिलवाना है। लेकिन सरकारी भाव और बाजार में रेट लगभग बराबर होने के चलते जनपद में यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। जिले में करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती होती है। रकबा कम होने के चलते यहां के आलू की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो जाती है। मंडी निरीक्षक जगपाल सिंह ने बताया कि मंडी में आलू का औसत भाव 550 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि जिले में आलू खरीदने के लिए 4 सेंटर खोले गए हैं। लेकिन बाजार भी सही रेट मिलने के चलते किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने की बजाय मंडी में भी आलू बेच रहे हैं।