सहारनपुर। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि गन्ने की खेती वेस्ट यूपी के किसानों की लाइफ लाइन है। यहां किसान उन्नत तकनीक को अपनाकर गन्ने का अच्छा उत्पादन ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान पूरे देश को मिठास देने का काम कर रहे हैं। यह किसानों की मेहनत है कि मंडल की चीनी मिलों में शुगर रिकवरी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को गन्ना किसानों की समस्याओं का समय से निस्तारण करने का निर्देश दिए।
शुक्रवार को आईटीआई परिसर में आयोजित मंडलीय गन्ना विचार फसल गोष्ठी और किसान मेले का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंडलायुक्त ने कहा कि खेती किसानी की बहुत सारी समस्याएं ऐसी भी है जो हमारे सामने खड़ी हुई है। लेकिन, ये बात भी सही है बहुत सारी समस्याओं का समाधान भी हुआ है। उन्होंने कहा कि किसान की पूरी मेहनत के बाद भी कभी-कभी कुदरत साथ नहीं देता है तो सारी फसल बर्बाद हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी समस्या आज किसानों ने रखी हैं, इन सभी समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अंदर करें। तकनीकी सवालों का फील्ड में जाकर समस्या का समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष शुगर रिकवरी 9 प्रतिशत के आसपास थी जो इस बार बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई है।
मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, संयुक्त कृषि निदेशक आरएस राम, गन्ना उपायुक्त दिनेशवर मिश्र, उपनिदेशक कृषि राजीव कुमार, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी मुजफ्फरनगर ओमप्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी शामली अनिल भारती, जिला कृषि अधिकारी रामजतन मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार, डॉ. नीलम आदि रहे। संचालन गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. यशपाल सिंह एवं डॉ. अरुण कुमार ने किया।
प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
सहारनपुर। गोष्ठी में मंडलायुक्त ने गन्ने के प्रगतिशील किसानों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इनमें ग्राम कुरलकी के विकास, चमनपुरा के सुभाष, कुराली के तिरसपाल, जगहैता नजीब के नफीस, भनेड़ा के नकली, खुजनावर के अताउर्रहमान, नंदी के राजकुमार, कलरहेड़ी के लोकेंद्र, रणखंडी के प्रदीप और चौरादेव के नरेश यादव शामिल हैं।