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यहां तो थाने का परिसीमन ही उलझा

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सहारनपुर। जिले में दो नए थाने बनने की घोषणा हो चुकी है, उनकी सीमाओं को तय किया जा रहा है, लेकिन सहारनपुर में शहर के थाने की सीमाएं ही उलझी हुई हैं। एक छोर के थाने की सीमा बीच के साथ थाने को छोड़कर दूसरे छोर तक पहुंच रही है, जबकि चंद कदमों पर ही सीमाएं बदल रही है। इससे न सिर्फ अपराधी फायदा उठा रहे हैं, बल्कि पुलिस भी उलझ रही है।
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सहारनपुर में दो नए थाने बनाए जाने का प्रस्ताव पास हो चुका है। शासन से हरी झंडी भी मिल चुकी है। दो थाने में से एक थाना तो सहारनपुर शहर के देहात कोतवाली क्षेत्र की पुलिस चौकी शेखपुरा कदीम को बनाए जाने की तैयारी है, जबकि दूसरा थाना ग्राम खेड़ा मुगल में बनाया जाना है।
शहर में छह थाने की सीमाओं में से शेखपुरा कदीम को थाना बनाए जाने के लिए सीमाओं का निर्धारण करने की तैयारी है। लेकिन शहर के सभी छह थाने की सीमाएं आपस में पूरी तरह से उलझी हुईं हैं। शेखपुरा कदीम चौकी देहात कोतवाली की है, जबकि उसके पास का क्षेत्र सदर कोतवाली का है। यह चौकी टपरी रोड पर स्थित है, जबकि देहात कोतवाली शहर के दूसरे छोर पर बेहट रोड पर स्थित है। जिनकी आपस में दूरी लगभग 5 किमी से अधिक है। देहात कोतवाली से शेखपुरा चौकी तक पहुंचने के लिए नगर कोतवाली, मंडी कोतवाली, जनकपुरी थाना, कुतुबशेर थाना एवं सदर कोतवाली क्षेत्र को पार करके जाना पड़ता है।
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मल्हीपुर रोड पर इससे भी अधिक गफलत भरी स्थिति है। सदर कोतवाली की पुलिस चौकी से मात्र एक किमी दूर ही देहात कोतवाली की राम नगर चौकी है। जो शहर के एक छोर पर है। यह दिल्ली रोड और टपरी रोड के बीच में स्थित है। दिल्ली रोड पहले सदर कोतवाली में है और उसके बाद रामपुर मनिहारन में है। यही नहीं मल्हीपुर रोड पर पहले सदर कोतवाली क्षेत्र, फिर देहात कोतवाली क्षेत्र उससे आगे ग्राम मल्हीपुर रामपुर थाना क्षेत्र, आगे सढ़ौली हरिया फिर देहात कोतवाली में, उससे आगे जाकर फिर रामपुर मनिहारन थाना क्षेत्र पहुंच गया। सदर कोतवाली में रेलवे स्टेशन और रेलवे रोड, पुल से घंटाघर की ओर नगर कोतवाली में पहुंच रहा है। उसके बाद एक ओर जनकपुर तो दूूूसरी ओर कुतबशेर क्षेत्र ने उलझा रखा है। नगर कोतवाली, कुतुबशेर और मंडी कोतवाली की सीमाओं को लेकर पुलिस कई बार उलझ चुकी है। कुतुबशेर का एक छोर तो देहात कोतवाली तक पहुंच रहा है, जबकि नगर कोतवाली की सीमा कुतुबशेर तक पहुंच रही है। नगर कोतवाली और मंडी कोतवाली की सीमाएं आपस में उलझी हुई हैं। जिससे पुलिस कर्मियों में भी गफलत की स्थिति के चलते सीमा विवाद हो रहा है। ऐसे में कई बार अपराधी घटना करके एक थाना क्षेत्र की सीमा से दूसरे थाना क्षेत्र की सीमा में होकर आसानी से फरार हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी शिकायतकर्ताओं को हो रही है। समस्या के समाधान के लिए लोग एक थाना से दूसरा थाना चक्कर लगाते रहते हैं। पुलिस कर्मी भी एक से दूसरे थाना भेजते रहते हैं। जब तक उच्चाधिकारी किसी निश्चित थाना के लिए आदेश न कर दें तब तक लोगों को चक्कर ही लगाने पड़ते हैं। पुलिस अधीक्षक देहात विद्यासागर मिश्र का कहना है कि सीमाएं काफी पहले ही निर्धारित की गईं थीं। तब से आबादी क्षेत्र बढ़ गया है। किसी थाना सीमा के अनुसार आबादी नहीं बढ़ी बल्कि अपनी सुविधा के अनुसार लोगों ने आबादी क्षेत्र बनाया है। जिससे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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