हजरत कासिम की याद में निकाला मातमी जुलूस
नानौता (सहारनपुर)। मोहर्रम माह की सात तारीख को नगर के शिया समुदाय द्वारा हजरत कासिम की याद में सीनाजनी करते हुए एक मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस से पूर्व छत्ता स्थित इमामबारगाह असद अली में मजलिस में मौलाना रोशन अब्बास जैदी बिजनौरी ने हजरत कासिम की शहादत पर रोशनी डाली। मजलिस के दौरान माहौल गमगीन हो गया। जुलूस से पूर्व इमामबारगाह से अलम और मोहम्मद सफदर के घर से जुलजुनाह को बरामद किया।
इमामबारगाह असद अली से शुरू होकर इमामबारगाह दरबार-ए-हुसैन से होते हुए इमामबारगाह महल पर जाकर संपन्न हुआ। मातमी जुलूस में अंजुमन सरकार-ए-अबू तालिब, अंजुमन ए हैदरी, अंजुमन ए हुसैनियां एवं अंजुमन ए जुल्फिकार-ए-हैदरी के शब्बर हुसैन, मसाहिद जैदी, नवेद अख्तर, शमा जैदी, आमिर हसन, नबी हैदर, शानू जैदी, अब्बास जैदी, शाह अब्बबास जैदी, वकील जाफरी, मालू जैदी, अथर अब्बास, आकिल हुसैन, मुंशीफ जैदी, तुफैल जाफरी, फैय्याज अली, शोक रजा, जफर मेहंदी, आजम हुसैन, हाशिम हुसैन, अली रजा, बरकत अली, फरजंद अली, नियाज अख्तर जुबी, गुलशन रजा जैदी, सरफराज अख्तर, जमा जैदी, नजेमूल हसन, लारेब हैदर, शकील अख्तर, शान-ए-अब्बास, मिसम नाजा, अजेदार हुसैन, जहूर आबदी सहित अनेक सोगवारों ने नोहाखव्वानी कर सीनाजनी की।
उधर, क्षेत्र के ग्राम नैनपुर सादात में भी देर रात मजलिस के दौरान हैदराबाद से आए मौलना मुनव्वर अब्बास ने कहा कि इमाम हुसैन ने दीन इस्लाम बचाने के लिए करबला में अपने 72 साथियों सहित कुरबानी पेश की। मजलिस में करबला के शहीदों की शहादत का वाकया सुनकर माहौल गमगीन हो गया। शब्बर हुसैन, शबी हैदर, अली रजा, सुहैल अख्तर, नजेमुल हसन, वक्कार हुसैन, फैजान रजा, गिजाल मैहंदी, सलमान जैदी, हुसैन रजा अन्ना, जमीर अब्बास, जुहैर अख्तर, अदील अख्तर, हसन रजा, राहिब हुसैन, कैफ आदि ने शिरकत की।