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प्रसूता की डिलविरी, बच्ची की मौत

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अस्पताल गेट पर हुआ प्रसव, नवजात की मौत, हंगामा
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सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही से एक नवजात की जान चली गई। प्रसूता ने अस्पताल के गेट पर बच्ची को जन्म दिया। परिजनों ने महिला चिकित्सक और स्टाफ को जानकारी दी, लेकिन प्रसूता और नवजात की सुध लेने कोई नहीं आया। पीड़िता आधा घंटा बाहर पड़ी तड़पती रही और नवजात ने दम तोड़ दिया। अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से क्षुब्ध परिजनों ने हंगामा किया। सीएमओ के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। सीएमओ ने महिला सीएमएस को जांच के आदेश दिए हैं।
कोतवाली नकुड़ क्षेत्र के गांव मुगल मजरा रेतगढ़ निवासी शीशपाल ने बताया कि उसकी 32 वर्षीय भाभी सुमन पत्नी राजू को सुबह पांच बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन सुमन को नकुड़ सीएचसी ले गए। जहां चिकित्सकों ने चेकअप करने के बाद सुमन को जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने सुबह छह बजे सुमन को महिला अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि सुमन दर्द से कराहती रही। मगर अस्पताल स्टाफ ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया। दोपहर 12 बजे महिला चिकित्सक ने सुमन का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। एक बजे परिजन जब अल्ट्रासाउंड कराकर लौट रहे थे तो अस्पताल गेट पर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा होने के साथ सुमन की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने महिला चिकित्सक और स्टाफ को जानकारी दी। मगर सुमन को भर्ती करने के लिए स्टाफ ने ना ही मदद की और ना ही स्ट्रेचर भेजा। अस्पताल परिसर में मौजूद महिलाओं की मदद से सुमन की डिलीवरी हुई और उसने बच्ची को जन्म दिया। इसके बावजूद भी अस्पताल स्टाफ ने प्रसूता और नवजात को वार्ड में ले जाने की जहमत नहीं उठाई। परिजनों का आरोप है कि लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। इसके बाद सुमन को अस्पताल में दाखिल किया गया। परिजनों ने मामले की शिकायत सीएमओ बीएस सोढ़ी से की। सीएमओ के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
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एंबुलेंस नहीं कराई उपलब्ध
सहारनपुर। नवजात की मौत का जिम्मेदार पूरी तरह अस्पताल स्टाफ दिखाई दे रहा है। प्रसूता सुमन को प्राइवेट चिकित्सक के यहां अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा गया और उसे सरकारी एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजन सुमन को अपने वाहन निजी चिकित्सक के यहां ले गए। वहीं, सरकार के आदेश हैं कि गर्भवती महिलाओं को घर से लाने ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस दी जाएगी। मगर अस्पताल स्टाफ के लिए सरकार के आदेश बेमानी साबित हो रहे हैं।
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स्टाफ की भूमिका पर पहले भी उठते रहे सवाल
सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। अस्पताल स्टाफ की कार्य प्रणाली पर पहले भी सवालिया निशान लगते रहे हैं। कभी स्टाफ पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा तो कभी बच्चा चोरी होने की घटनाओं में संलिप्तता पाई गई। हर बार उच्चाधिकारियों से पीड़ित लोगों ने मामले की शिकायत की, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

प्रसूता को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए थे। स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। महिला सीएमएस को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
- बीएस सोढ़ी, सीएमओ
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