स्कूल संचालकों की दो टूक, उधारी में नहीं पढ़ाएंगे
सहारनपुर। मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आरटीई के तहत पढ़े बच्चों की पढ़ाई के खर्च यानी शुल्क प्रतिपूर्ति का पूरा पैसा अभी तक स्कूल संचालकों को नहीं मिला है। इसे लेकर स्कूल संचालकों में रोष है। उन्होंने दो टूक कहा है कि भविष्य में वह किसी भी बच्चे को उधारी में नहीं पढ़ाएंगे।
सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि निजी स्कूलों ने 25 फीसदी बच्चों को निशुल्क पढ़ाने का जिम्मा लिया था। प्रशासन ने प्रत्येक बच्चे के लिए छह हजार रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में देने का वादा किया था, लेकिन मात्र 1600 रुपये प्रति बच्चा मिला है। उन्होंने कहा कि यदि शासन और प्रशासन उनको पूरी शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं करा सकता है तो स्कूल उधारी में बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे। उन्होंने यूपी बोर्ड में मान्यता प्राप्त विद्यालयों के बेहतर परिणाम पर खुशी व्यक्त की। कहा कि अनेक स्कूलों का परिणाम राजकीय और एडेड कॉलेजों से बेहतर रहा है। इससे पता चलता है कि निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक सरकारी शिक्षकों से अच्छा काम कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को इन शिक्षकों के मानदेय के बारे में सोचना चाहिए। बैठक में सुशील रोहिला, मनोज मलिक, केपी सिंह, प्रीतम सिंह सहगल, नकलीराम, शीशपाल, धनंजय शर्मा, बीएन पांडेय आदि मौजूद रहे।
शत प्रतिशत परिणाम रहा
सहारनपुर। स्टार पेपर मिल्स सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज का दसवीं और 12वीं का परिणाम शत प्रतिशत रहा है। इससे स्कूल प्रबंधन और स्टाफ उत्साहित है। दसवीं में कुल 172 में से 164 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से पास हुए, जबकि शेष आठ ने द्वितीय श्रेणी पाई। 12वीं में 173 में से 152 प्रथम श्रेणी से पास हुए, जबकि शेष 21 ने द्वितीय श्रेणी पाई। प्रधानाचार्य ऋषिपाल सिंह और प्रबंधक विनोद माहेश्वरी ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी।