सहारनपुर। मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने कहा कि मंडल के प्रत्येक जनपद के 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को कायाकल्प किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में यूनिसेफ के सहयोग से स्वच्छ पेयजल, बाल सुलभ शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित मंडलीय गोष्ठी में उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। बच्चों को शिक्षा और पोषण की उचित शुरुआत करने में सभी संबंधित विभाग सहयोग करें। आंगनबाड़ी केंद्रों में छह वर्ष से कम उम्र तक के बच्चों, गर्भवती, स्तनपान वाली माताओं को पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। प्रथम चरण में मंडल के प्रत्येक जनपद में 75-75 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प होगा। इनमें बच्चों के अनुकूल हाथ धोने की इकाइयां, विकलांग बच्चों के लिए रेलिंग, रैंप, स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल, लड़के, लड़कियों के लिए अलग शौचालय, बिजली व्यवस्था, आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण कार्य आदि शामिल हैं। इसके तहत हर ब्लॉक में एक मॉडल आंगनबाड़ी कायाकल्प लर्निंग लैब भी विकसित होगी।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प करने में सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जो 18 इंडिकेटर्स तय किए गए हैं उनके अनुरूप ही केंद्रों का कायाकल्प किया जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, उप निदेशक बाल विकास सत्यवती सरोज, जिला कार्यक्रम अधिकारी नन्दलाल प्रसाद आदि मौजूद रहे।