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हरियाणा के किसानों पर लगाया फायरिंग का आरोप

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नकुड़ (सहारनपुर)। तहसील क्षेत्र के गांव धुंधामाजरा के किसानों ने हरियाणा के किसानों पर जबरन उनके खेतों में घुसकर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि इस संबंध में वह तहरीर लेकर कोतवाली पहुंचे तो कोतवाल ने उन्हें एसडीएम के पास जाने को कहकर लौटा दिया, लेकिन एसडीएम के बाहर होने के कारण उन्हें कभी कोतवाली तो कभी तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीड़ित किसानों ने उच्चाधिकारियों से मदद की गुहार लगायी है।
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बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय पहुंचे गांव धुंधा माजरा के दर्जनों किसानों ने बताया कि दीक्षित अवार्ड में उनकी 51 एकड़ कृषि भूमि उत्तर प्रदेश से हरियाणा के करनाल में तब्दील हो गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि खेवट नंबर 121, 122, 123 मोजा नबियाबाद में है। जिसमें काफी दिनों से वो ही काबिज हैं तथा उक्त भूमि पर उन्होंने गेहूं की फसल बो रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे हरियाणा के दो दर्जन से अधिक किसान कुछ अज्ञात लोगों के साथ बंदूक, तमंचों व धारदार हथियारों से लैस होकर आ गये और खेत में काम कर रहे किसान गोवर्धन को डरा धमका कर भगा दिया। जिसके बाद गोवर्धन ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी अन्य किसानों की दी। गांव से किसान सुरेश शर्मा, सुशील, जगपाल, रामस्वरूप व रोशन आदि मौके पर पहुंचे। पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला बोलते हए बंदूकों व तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। बमुश्किल वह वहां से जान बचाकर भागे और कोतवाली पहुंचे, लेकिन कोतवाल ने उन्हें एसडीएम से मिलने की बात कहते हए टरका दिया। जिसके बाद वह एसडीएम से मिलने तहसील कार्यालय पहुंचे, लेकिन एसडीएम अपने कार्यालय में नहीं मिले। पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि हमारे यहां के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ही हरियाणा के किसान उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मदद की गुहार लगायी है। इस मौके पर सुरेश शर्मा, कलीराम, चन्द्रकिरण, देवेंद्र, रोशन, तेजपाल, रविंदर, रामस्वरूप, नकली राम, कश्मीरा, सोहनवीर व अंग्रेज आदि मौजूद रहे। इस संबंध में एसडीएम युगराज सिंह का कहना था कि उपरोक्त विवाद उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है तथा मामले को लेकर आगामी 10 दिसंबर को दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच वार्ता प्रस्तावित है। जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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