सहारनपुर। फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण को लेकर मेरठ से आई टीम ने सहारनपुर पहुंचकर चिह्नित स्थान का सर्वे किया। टीम ने चिह्नित भूमि पर बने भवनों को नोटिस देकर हटवाए जाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मेरठ से डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर टीम के साथ शनिवार दोपहर सहारनपुर पहुंचे और फ्रेट कॉरिडोर को लेकर चिह्नित भूमि का सर्वे किया। अधिकारियों ने कोर्ट रोड पुल और लाइन के लिए चिह्नित भूमि पर बने भवनों का भी निरीक्षण किया और उनको हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। फ्रेट कॉरिडोर लाइन में कुछ मकान और बिजली टावर आ रहा है। इसलिए उन्हें हटाया जाएगा। उन्होंने नक्शा से चिह्नित स्थान और उससे प्रभावित होने वाली व्यवस्था का भी आंकलन किया। बताया जा रहा है कि पिलखनी तक फ्रेट कॉरिडोर की लाइन पर कार्य हो गया है और सहारनपुर के निर्माण के लिए कंपनी भी निर्धारित कर दी गई है। सहारनपुर में फ्रेट कॉरिडोर पर दो टीमें काम कर रही हैं। एक टीम अंबाला तो दूसरी मेरठ की टीम है। एक टीम मेरठ से सहारनपुर और अंबाला से सहारनपुर के बीच काम कर रही हैं। दोनों टीम अलग-अलग होकर काम करा रही है।
स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा ने बताया कि अधिकारियों ने सहारनपुर में फ्रेट कॉरिडोर के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को अधिकारियों ने चिह्नित स्थान का सर्वे भी किया है। उनके पास इस कार्रवाई के लिए पत्र भी आया है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया शुरू होने के बाद स्टेशन का कार्य प्रभावित होना है। जिसके बारे में उन्होंने रेलवे बोर्ड को अवगत भी कराया है। पिलखनी में दो लाइनें बंद कर दी गईं हैं, जबकि सहारनपुर में खलासी लाइन के प्वाइंट भी प्रभावित हो जाएंगे। लाइनों के समानांतर ही लाइनें बनाई जानी हैं, जिससे ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित होगा। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी गई है।