सहारनपुर। प्राइवेट आईटीआई संचालकों ने शुक्रवार को राजकीय आईटीआई परिसर स्थित संयुक्त निदेशक आवास पर धरना देते हुए नारेबाजी की। इस दौरान उनकी नोकझोंक भी हुई। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर जल्द ही बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।
शुक्रवार सुबह प्राइवेट आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर अशोक मलिक के नेतृत्व में आईटीआई संचालक इकट्ठा होकर संयुक्त निदेशक ऋषिपाल मिश्रा से मिलने उनके आवास पहुंचे। वह आवास से बाहर नहीं आए, तो आईटीआई संचालक उनके आवास परिसर में ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। कुछ ही देर बाद जेडी बाहर निकले और आईटीआई संचालकों के धरना देने पर आपत्ति व्यक्त की। इस बात को लेकर आईटीआई संचालकों और उनके बीच नोकझोंक हुई। डॉक्टर मलिक ने बताया कि परीक्षा शुल्क ड्राफ्ट के द्वारा जमा न कराकर चालान या ऑनलाइन जमा कराए जाने की व्यवस्था की जाए, शुल्क जमा कराने का समय भी निर्धारित कराया जाए। इसके अलावा जिन आईटीआई के ड्रॉफ्ट जमा हो चुके हैं उनके चौथे सेमेस्टर तक के सभी परीक्षा परिणाम जारी किए जाएं। अन्यथा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन करने वालों में अनिल सैनी, अमित कुमार, मांगेराम, ललित कुमार, समीर मलिक, सोनू, पंकज कुमार आदि आईटीआई संचालक शामिल रहे।
उधर, संयुक्त निदेशक ऋषिपाल मिश्रा ने बताया कि ड्रॉफ्ट जमा कराने की अंतिम तिथि 20 सितंबर थी, मगर ज्यादातर आईटीआई संचालकों ने समय से ड्रॉफ्ट जमा नहीं कराए। परिणाम आदि जारी करने में जो भी देरी हो रही है वह परिषद स्तर से है। आईटीआई संचालकों की मांग को परिषद तक पहुंचाया जाएगा।