सहारनपुर। भाजपा पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यकारिणी में सहारनपुर को प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण भाजपाइयों में निराशा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि क्या जिले में पांच साल पुराना कार्यकर्ता नहीं है। पार्टी स्तर पर कुछ नाम दिए भी थे, मगर उनके नामों को यह कहकर वापस कर दिया गया कि वह पार्टी में नए हैं। हालांकि पार्टी नेता अब विस्तार में स्थान मिलने की बात कहकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में लगे हैं।
भाजपा पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यकारिणी की घोषणा रविवार शाम कर दी गई। क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी की कार्यकारिणी में सहारनपुर से किसी भाजपाई को जगह नहीं दी गई, जबकि पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि क्षेत्रीय कार्यकारिणी में जिले से कई भाजपाइयों को शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए किसी भी कार्यकर्ता का पांच साल पुराना होना अनिवार्य है। पार्टी नेताओं ने क्षेत्रीय कार्यकारिणी में अपने चहेतों को शामिल कराने के लिए क्षेत्रीय अध्यक्ष को सूची भेजी थी। अधिकांश नामों को यह कहकर वापस कर दिया गया कि उन्हें पार्टी में शामिल हुए अभी पांच साल की अवधि नहीं हुई है। कैराना लोकसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी मृगांका को जनपद की नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र से करारी हार के बाद उम्मीद जगी थी कि आने वाले दिनों में पार्टी संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेगी, क्योंकि अगले साल लोकसभा चुनाव प्रस्तावित है। क्षेत्रीय कार्यकारिणी घोषित हुई तो पार्टी कार्यकर्ताओं को निराशा हुई। बाकायदा उन्होंने जिला पदाधिकारियों से बात कर अपना विरोध भी जता दिया।
गुटबाजी भी रही बड़ा कारण
सहारनपुर। भाजपा में गुटबाजी पार्टी नेताओं के लिए टेंशन का कारण रही है। क्षेत्रीय कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व न मिलने के पीछे भी एक कारण यह भी गिनाया जा रहा है, क्योंकि खेमों में बंटे नेता एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं। नगर निगम चुनाव में महानगर में भाजपाइयों का एक बड़ा धड़ा पार्टी के खिलाफ ही मुखर हो गया था। कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ ही निर्दलीय चुनाव लड़ा था। कुछ को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समझाकर बैठा दिया था। अनुशासनहीनता के आरोप में 35 कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए थे, लेकिन किसी के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद से महानगर में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। विधानसभा चुनाव में भी गुटबाजी देखने को मिली थी। इसका नतीजा यह हुआ कि प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली भाजपा को शहर सीट पर हार का मुंह देखना पड़ा था।
-----------
क्षेत्रीय कार्यकारिणी में अभी सहारनपुर से किसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता को जगह नहीं मिली है। हाईकमान से इस संबंध में बात की गई है। जल्द क्षेत्रीय कार्यकारिणी विस्तार होगा, जिसमें जिले से कार्यकर्ताओं को जगह मिलेगी।-------------बिजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष भाजपा
---------------------------------------
क्षेत्रीय कार्यकारिणी में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। इस संबंध में उनकी क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी से बात हुई है। क्षेत्रीय कार्यकारिणी का जल्द विस्तार होगा।-----अमित गगनेजा, महानगर अध्यक्ष भाजपा