देवबंद (सहारनपुर)। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो लगी होने के मामले में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े लोगों के द्वारा हंगामा किए जाने पर मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना मुफ्ती इस्माइल मालेगांव का कहना है कि अगर केंद्र सरकार के अंदर नैतिकता बाकी है तो उन्हें यूनिवर्सिटी में हंगामा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बृहस्पतिवार को मजलिस-ए-शूरा की बैठक में भाग लेने पहुंचे मौलाना मुफ्ती इस्माइल कासमी ने कहा कि जिन्ना की तस्वीर को लेकर हंगामा किया जाना सिर्फ राजनीतिक मामला और साजिश का हिस्सा है। जिसे बीजेपी और उससे जुड़े संगठन वर्ष 2019 के चुनाव में मुद्दा बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस वक्त भाजपा को अपनी सियासी जमीन खिसकती हुई नजर आ रही है। उन्हें मालूम है कि आगामी लोकसभा चुनाव में जनता उन्हें पूरी तरह नकार देगी। केंद्र और राज्य सरकार के पास विकास का कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए वह तरह तरह के हथकंडे अपनाकर देश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे है। लेकिन इस बार उनका सपना अधूरा रह जाएगा। मौलाना इस्माइल ने कहा कि यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर आजादी से पहले की लगी हुई है। उन्होंने कहा कि जब यूनिवर्सिटी किसी को सम्मान के तौर पर उपाधि देती है तो उसका फोटो छात्र संघ हाल में लगाया जाता है। मोहम्मद अली जिन्ना को भी यूनिवर्सिटी का सम्मानित सदस्य बनाया गया था। बीजेपी नेता विशेषकर लालकृष्ण आडवाणी बहुत पहले यह तस्वीर देख चुके हैं, लेकिन उस वक्त किसी तरह का कोई हाय हल्ला नहीं मचा था। अब जो कुछ हो रहा है वो साजिश के तहत किया जा रहा है।