देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला सचिव मौलाना इब्राहीम कासमी ने देश में बढ़ रही सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से इन मामलों को गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शुक्रवार को जारी बयान में जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के जिला सचिव मौलाना इब्राहीम कासमी ने बिहार और बंगाल के विभिन्न जिलों में होने वाले दंगों पर चिंता जताते हुए कहा कि आगामी 2019 के चुनाव के मद्देनजर बिहार और बंगाल में योजनाबद्ध तरीके से सांप्रदायिक हिंसा कराई जा रही है। जिससे इन राज्यों में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से सांप्रदायिक ताकतों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा सभी मामलों की सीबीसीआईडी जांच कराए जाने की मांग की है।
दारुल उलूम पहुंचे साउथ अफ्रीका के प्रसिद्ध आलिम मंजूरुल हसन
देवबंद। साउथ अफ्रीका के प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना सैय्यद मंजूरुल हसन मुजद्दी ने विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में पहुंचकर वहां दी जानी वाली शिक्षा और उलमा-ए-देवबंद के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
शुक्रवार की दोपहर दारुल उलूम पहुंचे मौलाना सैय्यद मंजूरुल हसन ने उलमा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दारुल उलूम के इतिहास, यहां दी जानी वाली शिक्षा और छात्रों के रहन सहन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संस्था में स्थित लाइब्ररी में ऐतिहासिक पुस्तकों को देखा और एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में भी गए। इसके उपरांत उन्होंने मोहल्ला पठानपुरा में स्थित मौलाना तसव्वुर हसन के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में कहा कि मदरसा छात्र कौम की अमानत हैं। इस मौके पर अंजुमन इस्लाह-ए-मदारिस के अध्यक्ष मौलाना एजाज अहमद खान रज्जाकी, मौलाना, मौलाना मोहम्मद जबीउल्लाह, इनामुल्लाह कासमी आदि मौजूद रहे।