चार किसान भाईयों के नाम चढ़ा दिया फर्जी ऋण
नकुड़ (सहारनपुर)। गन्ना सहकारी समिति लिमिटेड सरसावा ने मृतक किसान व उसके अन्य तीन भाइयों के नाम 75-75 हजार रुपये ऋण अदायगी के नोटिस भेज दिए हैं। पीड़ित किसानों ने उक्त गन्ना समिति में तैनात चार लोगों पर निजी लाभ लेने के लिए फर्जीवाड़ा करने आरोप लगाते हुए गन्ना मंत्री सुरेश राणा सहित उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
नकुड़ कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी किसान सेठपाल पुत्र दिलेराम ने बताया कि उन्होंने सन 2000 में गांव लतीफ पुर (टाबर) में अपने भाईयों कृष्णचंद, लाखन सिंह, तोसा के साथ मिलकर आठ बीघा जमीन काश्त की खरीदी थी, जिस पर उक्त चारों भाई काबिज हो गए थे। बताया कि उक्त गांव गन्ना समिति सरसावा के अधीन है। किसी कारणवश उन्होंने वर्ष 2003 में उक्त काश्त की जमीन जयराम पुत्र मुंशी को बेच दी थी तथा राजस्व अभिलेखों में भी चारों भाईयों का नाम निरस्त होकर जयराम का नाम दर्ज हो गया था। इसके बाद उक्त जमीन व गन्ना सहकारी समिति सरसावा से चारों भाईयों का कोई संबंध नही रहा था। किसान ने बताया कि गत दो मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 91 के अंतर्गत चारों भाईयों के नाम करीब 75-75 हजार ऋण अदायगी के नोटिस उन्हें मिले। बिना ऋण लिए अदायगी के नोटिस देख उनके होश फाख्ता हो गये। नोटिस लेकर वह तुरंत ही गन्ना सहकारी समिति के सरसावा स्थित कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि चारों भाईयों के नाम सन 2014 में करीब 55-55 हजार रुपये का खाद उठाया गया है।
इसमें इनके बड़े भाई कृष्णचंद की सन 2007 को मृत्यु हो गई थी तथा इससे पहले ही वर्ष 2003 में उक्त जमीन भी चारों भाईयों ने बेच दी थी, फिर सन 2014 में समिति ने ऋण कैसे जारी कर दिया। पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में वह गन्ना परिवेक्षक गन्ना विकास परिषद शेरमऊ, सचिव व एकाउंटेंट सहकारी समिति सरसावा, गन्नाधिकारी गन्ना भवन सहारनपुर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है। आरोप है कि समिति सचिव व एकाउंटेंट ने ऋण संबंधी रिकार्ड दिखाने से भी मना कर दिया तथा विरोध करने पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल भिजवाने की धमकी दी। पीड़ित किसानों ने गन्ना मंत्री सुरेश राणा, गन्ना आयुक्त, डीएम व एसएसपी सहारनपुर को शिकायत कर कार्रवाई की मांग है। एसडीएम डीपी सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच करा कार्रवाई की जाएगी।