निरीक्षण के दौरान बीएसए को झाड़ू लगाते मिले बच्चे
सहारनपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। ज्यादातर स्कूलों में शिक्षक या तो गैरहाजिर मिले या फिर देरी से पहुंचते पाए गए। ऐसे शिक्षकों पर वेतन काटने और जवाब तलब करने की कार्रवाई की गई। एक स्कूल में बच्चे झाड़ू लगाते मिले, जबकि शिक्षक कुर्सी पर आराम फरमा रहे थे। बीएसए ने संबंधित स्कूल की प्रधान अध्यापक का वेतन रोकने की कार्रवाई की।
सुबह आठ बजे बीएसए सबसे पहले कोरी माजरा स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां प्रधान अध्यापक सुमन रानी गैरहाजिर मिली। साथ ही मौजूद सहायक अध्यापक अलका के द्वारा शिक्षण कार्य की बजाय बच्चों से सफाई कार्य कराया जाता मिला। बच्चों से सफाई कराने और बिना अनुमति के गैरहाजिर रहने पर प्रधान अध्यापक का वेतन रोका गया। इस्माइलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक के निरीक्षण में शिक्षक मौजूद थे, मगर शिक्षण कार्य नहीं कराया जा रहा था। यहां चेतावनी दी गई। प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में सहायक अध्यापक शिखा गोयल, प्रमिला, फराह नूर गैरहाजिर पाई गईं। तीनों का एक दिन का वेतन काटा गया। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय स्माइलपुर के निरीक्षण में सहायक अध्यापक आशा त्यागी, नीत वर्मा और संदीप राणा देरी से पहुंचे। तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सरसावा के गांव बिड़वी स्थित प्राथमिक विद्यालय में सब कुछ ठीक मिला। बीएसए ने सराहना की। पंजीकृत 93 बच्चों के सापेक्ष 46 बच्चे उपस्थित मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय बिड़वी में नामांकित 97 बच्चों के सापेक्ष 46 बच्चे उपस्थित मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय कुम्हारहेड़ा में प्रधान अध्यापक उर्मिला देवी, सहायक अध्यापक शाहीन अख्तर और नाहिदा अख्तर शिक्षण कार्य की बजाय खाली बैठी मिलीं जिनको चेतावनी दी गई। 150 बच्चों के सापेक्ष मात्र 40 बच्चे उपस्थिति मिलने पर नाराजगी जताई। प्राथमिक विद्यालय कुम्हारहेड़ा में सहायक अध्यापक गरिमा अस्थाना और सविता रानी गैरहाजिर मिलीं। अध्यापक उपस्थिति रजिस्टर में अंकित कर दिया गया। दोनों का एक दिन का वेतन काटा गया। साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दी। प्राथमिक विद्यालय नंगला 65 बच्चों के सापेक्ष 27 बच्चे उपस्थित मिले।
बच्चों से खाली मिले डीएम के गोद लिए गांव के स्कूल
बलियाखेड़ी ब्लॉक का गांव रूपड़ी गुर्जर डीएम का गोद लिया गांव है। मगर वहां तमाम अव्यवस्थाएं हावी हैं। शुक्रवार को बीएसए के औचक निरीक्षण में रूपड़ी गुर्जर के दोनों स्कूल बच्चों से खाली मिले, जबकि शिक्षक कुर्सियों पर बैठकर आराम फरमाते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय रूपड़ी गुर्जर में पंजीकृत 108 बच्चों में से कोई भी उपस्थित नहीं था। बीएसए ने पूरे शिक्षण स्टाफ का वेतन रोकने की कार्रवाई की। उच्च प्राथमिक विद्यालय रूपड़ी गुर्जर में भी पंजीकृत सभी 72 बच्चे गैरहाजिर मिले। यहां भी सभी शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।